इंडियन हॉकी टीम की जर्सी के भगवा रंग पर सियासी बवाल, प्रियंका बोलीं- इतिहास बदलने की कोशिश

नई दिल्ली:

Indian Hockey Saffron Jersey Row: भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी के रंग पर सियासी बवाल मचा है. हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी के रंग को बदल दिया है. ‘मैन इन ब्लू’ कही जाने वाली टीम अब सैफ्रन रंग की जर्सी में दिखेगी. हॉकी इंडिया द्वारा नई जर्सी जारी किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, सुखदेव भगत, राजद सांसद सुधाकर सिंह, समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह सहित कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं. संसद भवन के बाहर प्रियंका गांधी ने जर्सी बदलने को इतिहास बदलने की कोशिश बताया. उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं ने अपनी राय दे दी है. 

प्रियंका गांधी ने कहा- इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश

प्रियंका गांधी ने कहा- “चाहे वे यूनिफॉर्म बदलें या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें, वे कुछ भी करें, इस देश के युवाओं ने अपनी राय साफ कर दी है. आपने देखा कि जंतर-मंतर पर जमा युवा क्या कह रहे थे? वही देश की आवाज है. भारत की आजादी की लड़ाई अहिंसा और सच्चाई पर आधारित थी, और इसमें RSS की कोई भूमिका नहीं थी. पूरा देश यह सच्चाई जानता है, और जो लोग नहीं जानते थे, वे भी अब उनके इरादों को समझने लगे हैं. कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस आंदोलन का संचालन किया था, और इस देश की आत्मा अहिंसा, सच्चाई और भाईचारे में बसी है…”

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने कहा- यह शर्मनाक

हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने को भारत के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा ने शर्मनाक बताया है. उन्होंने X पर लिखा, ” हॉकी इंडिया ने कई अच्छे काम किए हैं… लेकिन यह शर्मनाक है. भारतीय टीम की पहचान और विरासत हमेशा से नीला रंग रही है. मैंने कई सालों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है. फैंस हमारी भारतीय टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं. नारंगी रंग का क्या लॉजिक है?”

सपा नेता बोले- पुरानी जर्सी से भावनात्मक लगाव

भारत के पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा के बयान पर समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने कहा- जिस जर्सी को पहनकर भारतीय टीम इतने सालों तक खेलती रही है, उससे भावनात्मक लगाव होना स्वाभाविक है. हालांकि, हॉकी इंडिया फेडरेशन इस बदलाव के पीछे की वजह बता सकता है….”

कांग्रेस सांसद बोले- खेल को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए

वहीं NDTV से बात करते हुए कांग्रेस सासंद सुखदेव भगत ने कहा कि खेल को ऐसी राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए. इनको खेल से मतलब नहीं है. वे हर जगह भगवाकरण करना चाहते हैं. खेल और राजनीति दोनों अलग चीजें हैं. 

राजद सांसद बोले- ये लोग पेड़ को भी भगवे रंग में रगेंगे

वहीं राजद सांसद सुधाकर सिंह ने तंज हॉकी इंडिया के फैसले पर तंज कसते हुए कहा- ये लोग मानसिक रूप से दिवालिया हैं. ये लोग पेड़ों को भी हरे रंग से भगवे रंग में रगेंगे. 

केसरिया भारत की पहचान का हिस्सा, आपत्ति क्योंः संजय निषाद

हॉकी खिलाड़ियों की जर्सी का रंग केसरिया किए जाने पर मचे सियासी बवाल यूपी के मंत्री संजय निषाद ने कहा, “भारत क्रांतिकारियों की धरती है… केसरिया रंग भारत की पहचान का एक अहम हिस्सा है, और इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए…”

हॉकी इंडिया ने जर्सी का रंग बदलने पर क्या दी सफाई

इधर हॉकी जर्सी के भगवाकरण पर मचे बवाल के बीच हॉकी इंडिया ने सफाई दी है. हॉकी इंडिया ने कहा- यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनसे विस्तार से बातचीत के आधार पर लिया गया था. मुख्य वजह तकनीकी थी. देखा गया कि नीली प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी, जो अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है. इस एक जैसे दिखने की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ-साफ देखने में दिक्कत होती थी.

हॉकी इंडिया ने कहा कि इसे देखते हुए कोच और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया. अच्छी तरह सोचने-विचारने के बाद, केसरिया रंग को फाइनल किया गया. तकनीकी जरूरत पूरी करने के अलावा केसरिया रंग का गहरा महत्व भी है क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में से एक है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. 

हॉकी इंडिया ने यह भी कहा कि जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है. समय-समय पर जरूरत के हिसाब से राष्ट्रीय टीम की प्लेइंग किट का रंग बदला जाता रहा है. उदाहरण के लिए, 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान टीम की जर्सी का रंग पीला कर दिया गया था और 2018 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान रंग को बिल्कुल अलग डिज़ाइन के साथ आसमानी नीला कर दिया गया था.

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