बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे, बख्शा नहीं जाएगा… पीएम मोदी ने एंटी पेपर लीक बिल पर जारी किया वीडियो
Raisina News Desk- जुलाई 30, 2026 11:56 PM IST

नई दिल्ली: एंटी पेपर लीक बिल के संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की रात एक वीडियो मैसेज जारी किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो मैसेज में पीएम मोदी ने कहा कि संसद ने एक ऐसा बिल पास किया है, जो हमारी परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाता है.
पीएम मोदी ने वीडियो में कहा, ”विश्वस्त परीक्षा पद्धति के लिए हम लगातार एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं. टास्क फोर्स की रचना हो, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना हो या राज्यों के सुझावों को ध्यान में लेना हो. क्योंकि पिछले कई दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार इस प्रकार की पेपर लीक की परेशानी झेल रहा है. बच्चों के भविष्य को भी इसके कारण संकट पैदा हो रहा है. इन सबको ध्यान में रखते हुए, देशव्यापी, सभी राज्यों में भी और केंद्र में भी शिक्षा पद्धति में सुधार अनिवार्य हो गया है. टेक्नोलॉजी के भरपूर उपयोग की आवश्यकता हो गई है. और साथ-साथ, फिर से कोई पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग, देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली गैंग को बख्शा नहीं जाएगा. इसलिए कठोर कानूनों की भी जरूरत है.”
पीएम ने आगे कहा, ”हम संसद में बिल लेकर के गए थे और जैसा मैंने आपको वादा किया था, गत दो दिन संसद के दोनों सदनों ने, अधिकतम माननीय सांसदों ने विस्तारपूर्वक उस पर चर्चा की है और आज दोनों सदनों ने इस कठोर कानूनों वाले, प्रावधानों वाले इस बिल को पास कर दिया है. अब विश्वस्त परीक्षा पद्धति की दिशा में जाने में एक महत्वपूर्ण काम पूर्ण हुआ है.”
पीएम ने कहा, ”काम आगे भी चलता रहेगा. हम ऐसी परिस्थितियों को लंबे समय तक नहीं चलने देंगे. इस विश्वास के साथ साथियों, आइए, हम सब मिलकर के विकसित भारत के स्वप्न को पूर्ण करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर के चलें.
बता दें कि लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी ध्वनि मत से एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है. दरअसल, पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी और छात्रों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था. भारी विरोध के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया. इसके साथ ही सरकार ने पेपर लीक को लेकर सख्त कानून बनाने का फैसला लिया. इस बिल को पहले लोकसभा में पेश किया गया, जहां से इसके पास होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया. राज्यसभा में भी यह बिल ध्वनि मत से पास हो गया है.