'गोवा आर्किटेक्चर एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर कॉन्फ्रेंस, CM सावंत ने किया उद्घाटन; इन मुद्दों पर हुआ मंथन
Raisina News Desk- अगस्त 01, 2026 10:20 PM IST

गोवा स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GSIDC) की ओर से नई दिल्ली के ‘द लीला पैलेस’ में ‘गोवा आर्किटेक्चर एंड सस्टेनेबिलिटी’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में विशेषज्ञों ने गोवा के विकास मॉडल को केंद्र में रखते हुए ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाइमेट-रेजिलिएंट और हेरिटेज-सेंसिटिव विकास की दिशा में एक साफ-स्पष्ट और नई रूपरेखा पेश की.
इस सम्मेलन का मकसद तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच पर्यावरण की जिम्मेदारी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में एक संतुलन कायम करना रहा.
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन का उद्घाटन गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यसभा सांसद सदानंद शेट तनावड़े ने देश-विदेश से आए खास अतिथियों की उपस्थिति में किया.
मीडिया से बातचीत के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने सरकार के विजन को साझा किया, “गोवा की वास्तुकला हमारी जीती-जागती विरासत है. हम सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरण की जिम्मेदारी और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास और संरक्षण एक साथ आगे बढ़ें ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध गोवा मिले.”
दिनभर चले इस आयोजन में पॉलिसीमेकर्स, विख्यात आर्किटेक्ट्स, अर्बन प्लानर्स और वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया. इस दौरान चार प्रमुख विषयों पर आधारित पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं:
इन सेशंस में TERI, चार्ल्स कोरिया फाउंडेशन, INTACH, GRIHA काउंसिल, वर्ल्ड बैंक, IFC, CSE, ऑरोविले अर्थ इंस्टीट्यूट, और यूरोपीय संघ, रॉयल डेनिश एम्बेसी और नीदरलैंड्स एम्बेसी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए.
सम्मेलन स्थल पर गोवा के स्थानीय उत्पादों, इनोवेशन, हस्तशिल्प और उद्यमिता को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई. प्रतिनिधियों ने गोवा के लोकल क्राफ्ट्स और स्टार्टअप्स के नवाचारों को करीब से देखा और उनकी सराहना की.
कार्यक्रम के अंतिम चरण में दिनभर की चर्चाओं से निकले मुख्य सुझावों और रणनीतियों का सार प्रस्तुत किया गया. इसके बाद आयोजित नेटवर्किंग हाई-टी के दौरान सरकारी अधिकारियों, शोधकर्ताओं और आर्किटेक्ट्स के बीच भविष्य के सहयोग और नीतिगत बदलावों को लेकर अहम डायलॉग हुए.
यह सम्मेलन सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, हेरिटेज कंजर्वेशन और क्लाइमेट-स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में गोवा को एक राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है.