यूपी को हरियाणा से जोड़ेगा ये सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे, NH9 से गाजियाबाद, नोएडा को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी
Raisina News Desk- अगस्त 01, 2026 05:34 PM IST

नोएडा:
फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद एक्सप्रेसवे (FNG Expressway) दिल्ली-एनसीआर का गेमचेंजर एक्सप्रेसवे माना जा रहा है. यह उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच तीन बड़े शहरों को जोड़ता है. हालांकि तीन दशकों बाद भी यह एफएनजी एक्सप्रेसवे अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. यह सिर्फ 56 किमी का 6 लेन का एक्सप्रेसवे है, लेकिन एनसीआर में कनेक्टिविटी का बड़ा जरिया बनने जा रहा है.इसका कुछ हिस्सा चालू हो गया है. यह दिल्ली जाए बिना नोएडा, गाजियाबाद के लोगों को फरीदाबाद, गुरुग्राम की ओर जाने का रास्ता देगा.
गाजियाबाद से फरीदाबाद या फरीदाबाद से नोएडा के ट्रैफिक को अभी दिल्ली के आश्रम, बदरपुर बॉर्डर, कालिंदी कुंज से जाना पड़ता है. FNG पूरी तरह बनने से वाहन बिना दिल्ली में प्रवेश करते हुए सीधे यूपी से हरियाणा तक आवाजाही कर सकेंगे. आश्रम चौक, कालिंदी कुंज, डीएनडी और बदरपुर बॉर्डर पर रोजाना लगने वाले भारी जाम से राहत मिलेगी.
नोएडा और फरीदाबाद का ये एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए यमुना नदी पर एक बड़ा पुल बनाया जाना है.इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी कुछ ही मिनटों की रह जाएगी.नोएडा के सेक्टर 63, 121, 142, 143, 168 और गाजियाबाद के छिजारसी, राहुल विहार जैसे घनी आबादी और इंडस्ट्रियल एरिया को सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में एफएनजी के सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है. फरीदाबाद और यमुना पुल का हिस्सा जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और पर्यावरण मंजूरी के कारण फरीदाबाद और यमुना पुल से जुड़ा काम लंबे समय से अटका है. उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार इसे दूर करने का
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हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और पूर्ण निर्माण का जिम्मा एनएचएआई (NHAI) को पूरी तरह सौंपने की दिशा में काम कर रही हैं. यमुना पुल का निर्माण और फरीदाबाद में भूमि अधिग्रहण तेजी से हो तो यह एक्सप्रेसवे 2026 के आखिरी या 2027 तक चालू हो सकता है.
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