सिद्धिविनायक मंदिर दानपेटी चोरी मामले में कार्रवाई, 10 गिरफ्तार; ट्रस्ट अध्यक्ष बोले- बदनाम करने की साजिश
Raisina News Desk- अगस्त 04, 2026 01:29 AM IST

मुंबई के विश्वप्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे और दान की रकम में हेरफेर के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक 45 लोगों पर गाज गिराई है. इसमें से 10 आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज की पुख्ता जांच के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया गया है. इस पूरी कार्रवाई के बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व विधायक सदा सरवणकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है.
ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सरवणकर ने बताया कि मंदिर परिसर और चढ़ावा गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कई अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध अधिकारियों को तुरंत उनके पदों से हटाया गया. इसके बाद ACB ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर और उसके 9 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में अब तक कुल 45 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सदा सरवणकर ने कहा कि मंदिर में हो रही वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों की शिकायत उन्होंने खुद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से की थी. उनकी ही शिकायत पर ACB ने जाल बिछाया और इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया.
उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में किसी भी तरह की हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
सदा सरवणकर ने शिवसेना (UBT) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आस्था के इस सबसे बड़े केंद्र को जानबूझकर बदनाम करने की कोई साजिश रची जा रही है?
सरवणकर ने दावा किया कि गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर और उसके साथी शिवसेना (UBT) की वरिष्ठ नेता विशाखा राऊत और UBT गुट के अन्य नेताओं से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में गड़बड़ी फैलाने वाले इन आरोपियों के तार UBT के बड़े नेताओं तक जाते हैं.
मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा हाल ही में मंदिर में हो रही धांधली को लेकर सार्वजनिक रूप से पढ़े गए एक पत्र का जिक्र करते हुए सरवणकर ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने अपने पत्र में जो मुद्दे उठाए थे, उनमें विशेष रूप से उनका (सदा सरवणकर का) नाम कहीं भी नहीं लिया गया था.
फिलहाल, ACB की जांच जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस चोरी और वित्तीय हेरफेर के तार कई और बड़े चेहरों तक पहुंच सकते हैं.