जंतर-मंतर, झारखंड और अब बिहार… क्या पटना में परवान चढ़ेगा छात्रों का आंदोलन? चल रही भीषण तैयारी

पटना:

Bihar Student Protest: NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर, JPSC-JSSC की धांधली के खिलाफ रांची के बाद अब BPSC और शिक्षक भर्ती के लिए बिहार से छात्र आंदोलन उग्र होने के आसार लग रहे हैं. आने वाले कुछ दिनों में जंतर-मंतर और रांची जैसी तस्वीरें बिहार की राजधानी पटना से भी सामने आ सकती है. क्योंकि बिहार में छात्रों का आंदोलन फिर से तेज हो रहा है. पटना में छात्र और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं. पेपर लीक, परीक्षा में देरी, भर्ती नहीं होने और शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होने से छात्रों में गुस्सा है. अब इस आंदोलन में राजनीतिक दल भी खुलकर शामिल हो रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को राजभवन मार्च निकालने का ऐलान किया है. वहीं सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के बीच पहुंचकर उनके आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.

रांची और जंतर-मंतर के बाद अब पटना की बारी

बिहार का यह आंदोलन अकेला नहीं है. पिछले कुछ समय में रांची में भी छात्रों ने परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया. झारखंड में भी छात्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं. रांची की सड़कों पर हुए प्रदर्शन ने यह दिखाया कि युवाओं में परीक्षा और नौकरी को लेकर गुस्सा सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है. इसी तरह दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.

अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों ने परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती से जुड़े सवाल उठाए. जंतर-मंतर का प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन छात्रों के मुद्दे खत्म नहीं हुए. अब अलग-अलग जगहों पर हो रहे प्रदर्शन एक-दूसरे से जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं.

गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का धरना जारी 

बिहार में पटना के गर्दनीबाग में बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी पहले से धरने पर हैं. 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर भी छात्र लगातार सवाल उठा रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच हो और जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षा कराई जाए. अब शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर भी छात्र नाराज हैं. 

उनका कहना है कि भर्ती का विज्ञापन अब तक नहीं आया है और परीक्षा कब होगी, यह भी साफ नहीं है. इसी को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से अनशन शुरू करने की बात कही है.

पटना में छात्रों का आंदोलन अचानक नहीं

छात्रों का यह आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ है. पिछले कई महीनों से बिहार में अलग-अलग परीक्षाओं और भर्ती को लेकर छात्र सड़क पर उतरते रहे हैं. कभी पेपर लीक का मामला सामने आया, तो कभी परीक्षा की तारीख को लेकर विवाद हुआ. कई बार भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर भी प्रदर्शन हुए. मई में TRE-4 के विज्ञापन में देरी को लेकर पटना में छात्रों ने प्रदर्शन किया था. उस समय पुलिस और छात्रों के बीच भी टकराव हुआ था.

जुलाई में NEET पेपर लीक और लाठीचार्ज के खिलाफ आंदोलन

जुलाई में छात्र आंदोलन और बड़ा हो गया. कथित NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर पटना सहित बिहार के कई शहरों में प्रदर्शन हुए. पटना में छात्रों के मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया. कई जगह छात्र और पुलिस आमने-सामने आए. इसके बाद छात्र आंदोलन राज्य का बड़ा मुद्दा बन गया.

तेजस्वी ने बिहार को बताया पेपर लीक की राजधानी

अब तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया है. उन्होंने बिहार को “पेपर लीक की राजधानी” बताया है. उनका कहना है कि बिहार में कोई भी परीक्षा पूरी तरह साफ तरीके से नहीं हो रही है. उन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक में गड़बड़ी का आरोप लगाया.

तेजस्वी का 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान

तेजस्वी ने कहा कि इसका सबसे ज्यादा नुकसान मेहनत करने वाले छात्रों को हो रहा है. उन्होंने 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया है और छात्रों, युवाओं, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों से मार्च में शामिल होने की अपील की है.
सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के बीच पहुंच गए हैं. 

उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है. खास तौर पर 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर उन्होंने दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है. उनके आंदोलन में शामिल होने से इस मुद्दे को एक और राजनीतिक आवाज मिल गई है.

सरकार के लिए बड़ी चुनौती

यही सरकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. अगर अलग-अलग राज्यों के छात्र अपने मुद्दों को एक बड़े आंदोलन से जोड़ने लगते हैं तो इसे सिर्फ स्थानीय कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नहीं निपटाया जा सकता. छात्रों से बातचीत, परीक्षा और भर्ती की साफ तारीख, पेपर लीक पर तेज कार्रवाई और पूरी प्रक्रिया में भरोसा पैदा करना जरूरी होगा.

18 अगस्त से TRE-4 छात्रों का अनशन

बिहार में अब अगले कुछ दिन काफी अहम हैं. 18 अगस्त से TRE-4 छात्रों का अनशन और 19 अगस्त को तेजस्वी यादव का राजभवन मार्च प्रस्तावित है. रांची और दिल्ली के आंदोलनों के बाद पटना में बढ़ता गुस्सा यह संकेत दे रहा है कि छात्रों के सवाल अब चुनावी राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन सकते हैं. 

बिहार में छात्रों ने अलग-अलग समय पर दिखाई है अपनी ताकत

बिहार में यह आंदोलन सिर्फ परीक्षा का सवाल नहीं रह गया है. यह युवाओं की नौकरी, उनके भविष्य और सरकार पर उनके भरोसे का सवाल बन चुका है. बिहार के छात्र आंदोलन का पुराना इतिहास भी रहा है. जेपी आंदोलन से लेकर अलग-अलग मौकों पर बिहार के छात्रों ने अपनी ताकत का परिचय कराया है. अब अभी होने वाले इस छात्र आंदोलन का असर होगा, यह देखने वाली बात होगी. 

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