सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का एक्शन शुरू, गिराई जा रहीं बगल वाली जर्जर इमारतें
Raisina News Desk- सितंबर 08, 2026 08:48 PM IST

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद MCD एक्शन मोड में है. इलाके की अन्य जर्जर इमारतों पर एक्शन शुरू हो गया है. MCD इन इमारतों को ध्वस्त कर रही है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि MCD उस जर्जर इमारत को गिरा देगी, जो सत्य निकेतन में गिरी उस पीजी बिल्डिंग के बगल में है, जिसमें दो दिन पहले सात लोगों की मौत हो गई थी. सीएम के आदेश के बाद हादसे वाली बिल्डिंग के बगल वाली इमारतों को गिराया जा रहा है.
दिल्ली सीएमओ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर, एमसीडी को जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना स्थल के पास बनी जर्जर इमारत को गिराने का आदेश दिया गया है.’ सीएमओ ने आगे कहा कि इमारत के अंदर छात्रों का सामान दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों द्वारा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से निकाला जा रहा है. सभी छात्रों और स्थानीय निवासियों से अधिकारियों का सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है.
यह आदेश धौला कुआं में दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित कॉलोनी में अवैध निर्माण की जांच के लिए जिम्मेदार पांच नगर निगम अधिकारियों को सस्पेंड करने की सख्त कार्रवाई के बाद आया है.
एक तरफ सत्य निकेतन में MCD का एक्शन चल रहा है, तो दूसरी ओर नगर निगम की टीमें दूसरे इलाकों में चल पीजी का निरीक्षण कर रही हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने PG हॉस्टलों का एक सप्ताह के भीतर निरीक्षण कर विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिया था. इसमें इमारतों की मंजूरी, नियमों के उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा और रहने वाले छात्रों की संख्या का पूरा ब्योरा शामिल है. इसी कड़ी में MCD की टीमों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सर्वे शुरू कर दिया है.
इसी आदेश का पालन करते हुए MCD की टीम विश्वास नगर पहुंची, जहां इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी और DTU ईस्ट कैंपस के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में रहते हैं. जांच के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न PG का निरीक्षण किया और इमारत के ढांचे व सुरक्षा मानकों का जायजा लिया. विश्वास नगर इलाके में अब तक करीब 5 PG का सर्वे किया जा चुका है.
राम गली (MS Rental): यहां पार्किंग और ग्राउंड फ्लोर के अलावा 3 मंजिलें बनी हुई हैं. हर फ्लोर पर 3 से 4 कमरे हैं. PG मालिक कपिल के अनुसार, यहां कुल 13 छात्र रहते हैं. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लिफ्ट के ठीक बगल में बनी सीढ़ियों की चौड़ाई महज करीब डेढ़ फीट है. इतनी संकरी सीढ़ियों से आपातस्थिति में सुरक्षित निकासी पर बड़े सवाल खड़े होते हैं. इस पीजी में रहने वाले छात्रों ने पीजी को सुरक्षित बताया लेकिन ये भी कहा कि सत्य निकेतन वाला घटना के बाद डर लगता है. संकेत (DTU छात्र) ने NDTV से बात करते हुए कहा कि मैं नॉन-एसी रूम का ₹10,000 किराया देता हूं (खाना शामिल नहीं). सीढ़ियां बनी हैं, जिससे हादसे के वक्तनिकल सकते हैं. फिलहाल व्यवस्था सही लग रही है.
वहीं अंकित (छात्र) ने कहा कि 10,000 किराया देता हूं. सत्य निकेतन जैसे हादसे से डर लगता है, सरकार को घटना होने से पहलेएक्शन लेना चाहिए. यहां तो स्थिति सुरक्षित है और मालिक सहयोग करते हैं. दिल्ली के झिलमिल जैसे कई इलाकों में बेहद खराब PG हैं, जहां ₹10-12 प्रति यूनिट बिजली ली जाती है, जबकि यहां ₹8 लेते हैं. सरकार को बाहर की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए।.
बगीची गली (गर्ल्स PG): यहां चल रहे गर्ल्स PG में केयरटेकर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए MCD अधिकारियों को अंदर जाने से रोक दिया. केयरटेकर का दावा है कि यह PG पिछले 3 साल से चल रहा है और लड़कियों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं.
पटेल नगर गली (गर्ल्स PG): इस गर्ल्स PG में भी अधिकारियों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद MCD टीम ने बाहर से ही बिल्डिंग के स्ट्रक्चर का जायजा लिया और सर्वे रिपोर्ट तैयार की. इस पीजी की केयरटेकर ने NDTV से बात करते हुअ बताया कि यह कुणाल नाम के व्यक्ति का का 4 मंजिला PG है, जिसमें 15-20 कमरे हैं. रहने और खाने का खर्च ₹10,000 से₹12,000 आता है और एक कमरे में 2 लड़कियां रहती हैं. अभी 15 बच्चे हैं, बाकी घर गए हुए हैं। गर्ल्स PG होने के नाते हम ऐसे अंदर नहीं जाने दे सकते.
MCD का यह सर्वे यह पता लगाने के लिए है कि इमारतें सुरक्षा के लिहाज से कितनी पुख्ता हैं और नियमों का कितना पालन हो रहा है. हालांकि, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को रोके जाने और संकरी सीढ़ियों जैसी खामियों के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस सर्वे रिपोर्ट के बाद कितने PG पर सख्त एक्शन होगा और कितने नियमों के दायरे में सही पाए जाएंगे.
बता दें कि सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत रविवार को दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई. मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए.
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने एम्स का दौरा किया और सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की. सीएम गुप्ता ने उनके इलाज के बारे में जानकारी ली और उनके परिवार के सदस्यों को सरकार और डॉक्टरों की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिलाया.