लाल किला ब्लास्ट: 'How To Make A Rocket', आतंकियों ने YouTube-ChatGPT से सीखकर बनाया था मौत का सामान
Raisina News Desk- सितंबर 09, 2026 08:37 PM IST

नई दिल्ली:
दिल्ली में लाल किला के बाहर हुए कार ब्लास्ट के मामले में बुधवार को NIA ने चार्जशीट दाखिल कर दी. NIA ने कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें सामने आया है कि आतंकी बहुत बड़ी साजिश रच रहे थे. आतंकियों ने YouTube और ChatGPT से रॉकेट बनाना भी सीखा था.
NIA की चार्जशीट में सामने आया है कि इस हमले का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी था, जो सुसाइड बॉम्बर था और इसने ही कार के अंदर बैठकर ब्लास्ट किया था.
चार्जशीट में जो बात सबसे अहम है, वह यह कि कार में उमर नबी ही बैठा था और उसने ही ब्लास्ट किया था. जांच में ये बात साबित हो चुकी है. यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने ब्लास्ट से पहले कई बार लाल किला की रेकी की थी. कुल 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें से उमर नबी की मौत हो चुकी है और एक आतंकी फरार है, जबकि बाकी सभी जेल में हैं.
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चार्जशीट में NIA ने बताया है कि आतंकियों ने YouTube और ChatGPT पर रॉकेट बनाना सीखा था.
आतंकी जसीर बिलाल वानी ने YouTube और ChatGPT पर इसके लिए काफी सर्च किया था. उसने YouTube पर ‘how to make a rocket and in what proportion should be mixed to make it work’ जैसी चीजें खोजी थीं.
इसके अलावा, उसने YouTube पर ‘How to make a rocket’, ‘How to make a rocket with sugar’ और ‘How to make a rocket with sugar and potassium nitrate’ जैसी चीजें भी सर्च की थी. उसने रॉकेट IED बनाने के लिए ChatGPT की मदद भी ली थी.
आतंकी आदिल अहमद राथर ने जसीर बिलाल को रॉकेट बनाने के लिए पिसी हुई चीनी और पोटेशियम नाइट्रेट दिया था, जबकि उमर उन बनी ने इसके लिए पैसा दिया था.
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आतंकियों ने ब्लास्ट करने के लिए YouTube और ChatGPT से सीखकर रॉकेट IED बना भी लिया था.
जांच के दौरान NIA ने अनंतनाग के काजीगुंड के जंगल से एक रॉकेट IED के टूटे हुए हिस्से बरामद किए गए थे. आतंकी अहमद राथर के कहने पर मुजम्मिल शकील ने एक जान-पहचान वाले के जरिए रॉकेट IED में उपयोग करने के लिए 4-5 फीट लंबा और 2.5 से 3 इंच व्यास वाला एक लोहे का पाइप तैयार करवाया था.
NIA ने चार्जशीट में दावा किया है कि जांच के दौरान बॉम्ब स्क्वॉड के एक्सपर्ट के सामने जसीर बिलाल वानी ने डमी मटैरियल (जैसे लोहे का पाइप, तार, चीनी, बैटरी, ब्लोअर कॉइल और नमक) का इस्तेमाल कर रॉकेट IED बनाकर दिखाया था.
आतंकी अपनी साजिश के लिए ड्रोन को भी आजमा रहे थे. इसकी जिम्मेदारी जसीर बिलाल वानी को दी गई थी. NIA ने काजीगुंड के जंगल से एक टूटा हुआ ड्रोन बरामद किया था.
इस टूटे हुए ड्रोन की फोरेंसिक जांच चंडीगढ़ की लैब में करवाई गई तो पता चला कि यह कैमरे वाला एक रिमोट कंट्रोल ड्रोन है जो वाई-फाई के जरिए फोन से जुड़ सकता है.
इतना ही नहीं, जसीर बिलाल वानी के क्लाउड डेटा और मोबाइल फोन की जांच से पता चला है कि उसने YouTube पर ड्रोन ट्रांसमीटर रेंज टेस्ट से जुड़े वीडियो देखे थे. इसके अलावा, उमर उन नबी के कमरे से एक ‘J2 ड्रोन’ का खाली कार्टन भी बरामद हुआ था.
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