चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, पार्टी सिंबल को लेकर फैसले को दी चुनौती

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं. ममता बनर्जी ने कोर्ट में टीएमसी के सिंबल को लेकर चुनाव आयोग के दिए फैसले को चुनौती दी है. निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ही पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है.

ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले की तीखी आलोचना की है और इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास में ‘काला दिन’ बताते हुए इसका राजनीतिक, लोकतांत्रिक और कानूनी तौर पर मुकाबला करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वह अंतरिम व्यवस्था को समझौते के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगी और पार्टी की असली पहचान एवं चुनाव चिह्न वापस पाने के लिए लड़ाई लड़ेंगी.

उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्रवाई को ‘असंवैधानिक, अवैध, अलोकतांत्रिक और पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण’ बताया तथा राजनीतिक द्वेष की भावना का आरोप लगाया.

ममता ने फैसले के समय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उपचुनाव की प्रक्रिया पहले से ही जारी थी, नामांकन पूरे हो चुके थे और उम्मीदवारों ने अपने चुनाव चिह्न जमा कर दिए थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम हार नहीं मानेंगे. हम राजनीतिक दबाव के आगे सिर नहीं झुकाएंगे. हम यह लड़ाई लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से लड़ेंगे.”

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ सकती. यह ऐसी पार्टी है जिसे मैंने 29 साल के संघर्ष, त्याग और राजनीतिक लड़ाइयों से बनाया है. जब तक मैं जीवित हूं, यह पार्टी मेरा हिस्सा रहेगी, और यह हमारे कार्यकर्ताओं के साथ रहेगी.”

ममता ने विरोधी खेमे के संगठन से जुड़े दावों पर भी सवाल उठाया और कहा कि उनके गुट ने ज़मीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हुए चुनावों से जुड़े दस्तावेज जमा कराए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष ने वैसा ही संगठनात्मक चुनाव नहीं कराया और पार्टी की पहचान के उसके दावे को खारिज किया.

ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए उस पर विपक्षी दलों को कमज़ोर बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी तोड़ी और फिर राकांपा को. अब, वे हमारे पीछे पड़े हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी और दूसरे संस्थानों का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ किया गया. उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए.

ममता ने संकेत दिया कि उनकी चुनावी लड़ाई सिर्फ पार्टी की नई पहचान तक ही सीमित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि उनका गुट बड़े राष्ट्रीय हित में और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को मजबूत करने के लिए नंदीग्राम तथा असम में कांग्रेस का समर्थन करेगा.

इसे भी पढ़ें: जोड़ा फूल न ममता को मिला ना ऋतब्रत को, सिंबल के लिए दो पार्टियों की लड़ाई में तीसरे का फायदा

इसे भी पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव: ममता गुट की प्रत्याशी ने नामांकन लिया वापस, कुछ दिन पहले सीएम शुभेंदु से की थी मुलाकात



Prev Post
Next Post