BLO घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे… खास मामलों में ऑनलाइन सुनवाई, ECI का बड़ा फैसला

BLO घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे… खास मामलों में ऑनलाइन सुनवाई, ECI का बड़ा फैसला

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बहुत आसान और पारदर्शी बना दिया है. अब नागरिकों को वोटर लिस्ट में अपना नाम बनाए रखने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. आयोग ने साफ किया है कि जिन वोटर्स को नोटिस मिले हैं, उनके घर जाकर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) जरूरी डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे.

शनिवार को हुई एक मीटिंग में तीनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर यह फैसला लिया. एप्लीकेशन की डेडलाइन बढ़ा दी गई है, जिससे दिल्ली और महाराष्ट्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है. कमजोर और बेघर लोगों के वोटिंग अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने भी आयोग की इस पूरी रिविजन प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है. ECI के इस फैसले से उन नागरिकों को राहत मिलेगी, जिनके नाम पहले तकनीकी कारणों से हटा दिए गए थे.

सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं?

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) अभियान के तहत, जिन वोटर्स को ‘अनमैप्ड’ स्टेटस या लॉजिकल गड़बड़ियों के बारे में नोटिस मिले हैं, उन्हें अब इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. BLOs सीधे वोटर्स के घर जाकर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करेंगे और उन्हें ECI पोर्टल पर अपलोड करेंगे.

खास मामलों में ऑनलाइन सुनवाई

चुनाव आयुक्तों की बैठक में फैसला लिया गया है कि अब सुनवाई सिर्फ खास मामलों में होगी और वह भी मुख्य रूप से ऑनलाइन होगी. नागरिक अपनी जगह सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी बालिग सदस्य को भी अधिकृत कर सकते हैं. जिन्हें SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के संबंध में नोटिस मिले हैं, आम तौर पर व्यक्तिगत सुनवाई की जरूरत नहीं होगी.

समिति ECINET की समीक्षा करेगी

DEO (जिला चुनाव अधिकारी) ज़रूरत के हिसाब से नाइट शेल्टर, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क बनाएंगे. SIR के दौरान फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की जरूरत लागू रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठहराया है. एक वरिष्ठ DEC (डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर) और IIT/IIM के स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक समिति ECINET की समीक्षा करेगी.

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