किसानों के लिए भी हीरो थे नाना पाटेकर… गडकरी से लेकर शुभेंदु अधिकारी तक ने दिग्गज एक्टर को ऐसे किया याद
Raisina News Desk- अक्टूबर 08, 2026 08:42 AM IST
गोवा में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया. उनके निधन पर बॉलिवुड से लेकर राजनीति गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस घटना को दिल तोड़ने वाला और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान बताया. नाना के निधन को लेकर मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने कहा कि गुरुवार सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. उन्हें 45 मिनट तक CPR दिया गया. CPR के दौरान उनकी धड़कनें पूरी तरह बंद रहीं. उनका पोस्ट मार्टम किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘भारतीय फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दिल तोड़ने वाली है. मैं उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. नाना और मेरे बीच बहुत करीबी और दोस्ताना रिश्ते थे. अपनी दमदार एक्टिंग के ज़रिए नाना पाटेकर ने पांच दशकों से ज्यादा समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के जरिए समझदार दर्शकों के दिलों पर राज किया. अपने खास अंदाज में डायलॉग बोलने की शैली से उन्होंने फिल्मों में कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई.’
उन्होंने कहा, ‘उनका जाना भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है. ‘नाम फ़ाउंडेशन’ के ज़रिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और वॉटरशेड मैनेजमेंट के क्षेत्र में उन्होंने जो काम किया, वह काफी अहम और उल्लेखनीय है. आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की उन्होंने जो मदद की, वह कई परिवारों के लिए एक सहारा बनी. नाना न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार-अभिनेता थे, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील व्यक्ति भी थे. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे.’
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लिखा, ‘दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन की दुखद खबर सुनकर गहरा सदमा लगा और दिल टूट गया. भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे दमदार, सच्ची और बेमिसाल आवाजों में से एक को खो दिया है. नाना ने सिर्फ किरदार नहीं निभाए; उन्होंने हर भूमिका में बेबाक और असली सच्चाई का रंग भरा. ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘प्रहार’ की जबरदस्त ऊर्जा से लेकर ‘अब तक छप्पन’ की गहरी तीव्रता तक उनकी कला ने एक ऐसा बेंचमार्क स्थापित किया, जिस तक पहुंचना बहुत कम लोगों के लिए मुमकिन हो पाया है. सिनेमा की दुनिया से परे उनका सादापन, विनम्र स्वभाव और सामाजिक कार्यों व ग्रामीण समुदायों के प्रति निस्वार्थ समर्पण उनके नेक दिल और महान व्यक्तित्व को दर्शाता था. नाना पाटेकर आपकी आत्मा को शांति मिले. आपकी आवाज, आपका जोशीला अंदाज और आपकी शानदार विरासत हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेगी. उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में मौजूद लाखों प्रशंसकों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं.’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है. उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया. प्रभु राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.
महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा अजित पवार ने कहा, ‘दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया है. नाना, अभिनय में सच्ची अभिव्यक्ति और संवेदनशील सामाजिक जागरूकता का एक अद्भुत संगम थे. उन्होंने मंच से लेकर सिल्वर स्क्रीन तक अपने दमदार अभिनय से अनगिनत किरदारों को अमर बना दिया. ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी बेहतरीन फिल्मों के माध्यम से उन्होंने अपनी अदाकारी की अमिट छाप छोड़ी. नाना पाटेकर का दादा के साथ बेहद करीबी और स्नेहपूर्ण रिश्ता था इसलिए उनके जाने से जो खालीपन आया है वह मेरे और हमारे परिवार के लिए विशेष रूप से बहुत दुखद है. अपनी कला के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए समाज के वंचित वर्गों और किसान भाइयों के लिए उन्होंने जो काम किया वह हमेशा प्रेरणादायक रहेगा. आज अभिनय की दुनिया ने एक संवेदनशील इंसान, एक दमदार आवाज और एक सच्चे कलाकार को खो दिया है. इस बहुआयामी और संवेदनशील कलाकार को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि.’