CJP नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने बताया 'कायर', कहा- 'जेल जाने से…'
Raisina News Desk- अक्टूबर 26, 2026 10:48 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. उन्होंने सीजेपी के चारों नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे पर पीस बॉन्ड साइन करने को लेकर निशाना साधा है. वहीं उन्होंने आइसा की छात्रनेता नेहा बोरा की तारीफ की है. नेहा के पीस बॉन्ड साइन न करने पर काटजू ने उनकी तारीफ की है और की वो उनकी इज्जत करते हैं.
काटजू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि सीजेपी के चारों नेताओं का करियर खत्म हो गया है. उन्होंने लिखा, ‘गैंग ऑफ फोर’ जस्टिस काटजू के द्वारा… कॉकरोच जनता पार्टी के 4 टॉप नेताओं – अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे ने शांति बांड (पीस बॉन्ड) पर साइन किए हैं. इसका मतलब यह है कि वे किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते. यदि वे ऐसा करते हैं, तो पुलिस कहेगी कि उन्होंने शांति भंग करके अपने बांड की शर्तों का उल्लंघन किया है, और उन्हें गिरफ्तार करके लंबे समय के लिए जेल में डाल देगी.
पब्लिक करियर हुआ खत्म
काटजू ने आगे लिखा, मेरी राय में पीस बॉन्ड पर साइन करने से इन 4 लोगों का सार्वजनिक करियर खत्म हो गया है, क्योंकि जनता की नजरों में इनकी सारी विश्वसनीयता खत्म हो गई है. अब लोग इन्हें ऐसे कायरों के रूप में देखते हैं जो जेल जाने से डर गए थे. असल में, इन्हें सहयोगी माना जाएगा, क्योंकि इनकी तुलना उन लोगों से की जाएगी जिन्हें ब्रिटिश अधिकारियों ने जेल में डाला था और जो माफी मांगने के बाद रिहा हुए थे.
नेहा बोरा की करता हूं इज्जत
उन्होंने आगे लिखा, मैं केवल नेहा बोरा का सम्मान करता हूं, जिन्होंने ‘पीस बॉन्ड’ देने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है. मैं अभिजीत दीपके और CJP के अन्य 3 नेताओं को गैंग ऑफ फोर कहता हूं. इनके बारे में एक कहावत है: “जब पड़ी मार शमशीरन की, तो महाराज, मैं नाई हूं.” ये लोग खुद को शेर बताते थे, लेकिन असल में ‘नाई’ निकले.