कश्मीरी पंडितों को आतंकी धमकियां देने वाला खुद पंडित ही निकला, फरीदाबाद से अरेस्ट हुआ राकेश हांडू

कश्मीरी पंडितों को आतंकी धमकियां देने वाला खुद पंडित ही निकला, फरीदाबाद से अरेस्ट हुआ राकेश हांडू

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिली आतंकी धमकियों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने कश्मीरी पंडित एक्टिविस्ट राकेश हंडू को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. उन पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदेश फैलाने और साइबर आतंकवाद से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. अगस्त महीने में घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के बीच उस समय भय का माहौल बन गया था, जब कुछ कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण के साथ कथित धमकी भरे पत्र सामने आए थे. इन संदेशों के बाद कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई थी.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री विशेष रोजगार पैकेज के तहत नियुक्त सैकड़ों कर्मचारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया था. उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक ड्यूटी से दूर रहने को कहा गया था.

फर्जी आतंकी संदेश फैलाने का आरोप

गिरफ्तारी के आधार से जुड़ी जानकारी के अनुसार राकेश हंडू पर आरोप है कि उन्होंने बार-बार ऐसे इलेक्ट्रॉनिक संदेश प्रसारित किए जिनमें संदेशों को कथित रूप से आतंकी संगठनों के नाम से जारी दिखाया गया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इन संदेशों ने कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया.

पुलिस का दावा- मिले हैं अहम सबूत

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच में आरोपी की कथित भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग और सबूत मिले हैं. इसी आधार पर बारामूला पुलिस की टीम ने फरीदाबाद पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.

समन के बावजूद नहीं हुए थे पेश

सूत्रों के अनुसार सितंबर में एफआईआर दर्ज होने के बाद राकेश हंडू को पूछताछ के लिए बारामूला बुलाया गया था. बताया जा रहा है कि कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई की. वर्ष 2010 में शुरू किए गए प्रधानमंत्री विशेष रोजगार पैकेज के तहत करीब 6,000 कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरियां दी गई थीं. इस योजना का उद्देश्य 1990 के दशक में विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास को बढ़ावा देना था.

2022 के हमलों के बाद बढ़ी थी चिंता

साल 2022 में आतंकियों द्वारा कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद पीएम पैकेज कर्मचारियों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था और जम्मू में तबादले की मांग उठाई थी. हालांकि बाद में कई कर्मचारियों को श्रीनगर और अन्य अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में तैनात किया गया. राकेश हंडू पहले भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद कुछ कश्मीरी पंडित नेताओं ने मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.



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