'UPA में खराब हुई IDBI की हालत', सीतारमण का पलटवार, कांग्रेस के 5 कामों पर सवाल
Raisina News Desk- अक्टूबर 30, 2026 02:47 PM IST
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक के बेचने को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने IDBI बैंक के कर्मचारियों को एक लेटर लिखा था. राहुल गांधी के सवालों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है. उन्होंने कांग्रेस पर बैंकों का निजी इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए पांच उदाहरण गिनवाए हैं.
राहुल गांधी ने लेटर में लिखा कि कांग्रेस के समय में आईडीबीआई बैंक बना और इसने देश का उद्योग खड़ा करने में मदद की. कांग्रेस के समय में बैंक बनते थे और मोदी के समय में बिकते हैं. मैं बैंक के कर्मचारियों के साथ खड़ा हूं.
निर्मला सीतारमण ने किया पलटवार
निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, हम सभी जानते हैं कि कांग्रेस ने किस तरह बैंकों और वित्तीय संस्थानों का इस्तेमाल अपनी निजी संपत्ति की तरह किया है. उन्होंने बैंक कर्मचारियों पर दबाव डालकर, नियमों को ताक पर रखते हुए, अपनी मर्जी से लोन बांटे हैं. आइए, कुछ उदाहरण देखते हैं.
1-1957 में कांग्रेस नेताओं के प्रभाव के कारण हरिदास मुंद्रा को LIC से पैसा मिला.
2-1976 में इंदिरा गांधी की सरकार ने SBI के चेयरमैन आर.के. तलवार को हटा दिया था क्योंकि उन्होंने संजय गांधी के करीबी लोगों से जुड़ी एक कंपनी को लोन देने की शर्तों में ढील देने के राजनीतिक दबाव को मानने से इनकार कर दिया था.
3- संजय गांधी ने मारुति को लोन देने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर दबाव डाला था.
4- इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के समय वित्त राज्य मंत्री रहे बी. जनार्दन पुजारी ने 1980 के दशक में बैंक कर्मचारियों पर लोन देने के लिए दबाव डाला था.
5- UPA सरकार में मंत्री रहे पवन कुमार बंसल ने केनरा बैंक पर दबाव डाला कि वह उनके परिवार से जुड़े व्यवसायों को लोन दे.
उन्होंने आगे लिखा, हमें IDBI बैंक बहुत खराब हालत में मिला था क्योंकि IDBI को खुद ऐसे बड़े बिजनेस समूहों को लोन देने के लिए मजबूर किया गया था जिनके कांग्रेस नेताओं के साथ करीबी संबंध थे. इनमें वीडियोकॉन, विनसम, ABG शिपयार्ड, किंगफिशर आदि शामिल थे. ये लोन ‘बैड लोन’ (फंसे हुए कर्ज) में बदल गए. जिससे IDBI बैंक को भारी नुकसान हुआ, जिसे हमने स्वीकार किया.
बैंक को फिर से खड़ा किया
माननीय पीएम मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने पेशेवर तरीके, समझदारी और 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI बैंक को फिर से खड़ा किया. अब IDBI बैंक विकास के अपने अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है. IDBI बैंक की रणनीतिक पुनर्गठन प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन किया गया है और हमने कल ही इस बारे में स्पष्ट कर दिया था.