उत्तराखंड में आधी रात उड़ी लोगों की नींद, उत्तरकाशी में हिली धरती, 4.2 तीव्रता का आया भूकंप
Raisina News Desk- अगस्त 10, 2026 11:19 AM IST

उत्तरकाशी:
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में रविवार और सोमवार की रात अचानक से धरती हिलने लगी. यहां अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. जिसकी तीव्रता 4.2 थी. जैसे ही भूकंप के झटके लगे तो लोग अपने घरों से निकलकर भाग निकले. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से कहीं से किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं होने जानकारी है. उत्तरकाशी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक तड़के एक बजकर 21 मिनट 34 सेकंड पर भूकंप आया था. जिसका केंद्र दस किलोमीटर की गहराई में बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास रहा है.
भूकंप के झटके उत्तरकाशी, बड़कोट, पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़ और डुंडा समेत यमुना घाटी के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए. रात के अंधेरे में अचानक घरों के हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और दो और तीन मंजिला मकानों में रहने वाले लोग डरकर बाहर निकल आए. उत्तरकाशी के अलावा यमुना घाटी और गंगा घाटी के कई हिस्सों, जैसे पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़, डुंडा और भटवाड़ी में भी लोगों को तेज झटके लगे थे. जबकि पड़ोसी जिले टिहरी गढ़वाल में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे. इसका केंद्र राजगढ़ी में जमीन से 10 फीट नीचे था.
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अधिकारियों ने बताया कि तहसीलदारों, पुलिस थाना-चौकी प्रभारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों और ग्राम प्रधानों से जानकारी ली गयी है और फिलहाल किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है.
चिंता की बात यह है कि उत्तरकाशी का यह इलाका उत्तराखंड के जोन-5 में आता है. भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक पहाड़ी का यह हिस्सा भूकंपीय संवेदनशीलता के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है. इस क्षेत्र के नीचे सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण यहां लगातार तनाव बनता रहता है. जो छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंपों के रूप में बाहर निकलता है. हालांकि इन झटकों से कोई बड़ा नुकसान नहीं है. लेकिन आधी रात को आए इस भूकंप ने स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया था.
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