‘ऊपर टाइगर, नीचे ट्रैफिक’, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दिखेगा अनोखा नजारा! मुकुंदरा टनल का काम जल्द पूरा होगा | delhi mumbai expressway mukundara tunnel nitin gadkari cm bhajanlal sharma loksabha speaker om birla kota visit


दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है. इस एक्सप्रेसवे में सबसे खास है- मुकुंदरा टाइगर रिजर्व (कोटा) के नीचे निर्माणाधीन 4.9 किलोमीटर लंबी टनल. यह टनल जितनी अहम है, इसका काम तकनीकी रूप से उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी खुद इसका जायजा लेने कोटा जाएंगे. बुधवार (8 जुलाई) को एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के लिए कोटा दौरा प्रस्तावित है. केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर एनएचएआई और जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया हैं.

खुद कार ड्राइवर करके पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री गडकरी

गडकरी दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए खुद कार में सफर करते हुए एक्सप्रेसवे की प्रगति का जायजा लेंगे. केंद्रीय मंत्री एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए कोटा पहुंचेंगे. कोटा जिले में लबान इंटरचेंज से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उनके साथ निरीक्षण में शामिल होंगे. इस दौरान निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. 

इस खास टनल की अहम बातें

मुकुंदरा टनल 4.9 किलोमीटर लंबी और 22 मीटर चौड़ी है. इसके निर्माण कार्य में पर्यावरण की दृष्टि से भी कई बातों का ख्याल रखा जा रहा है. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में कई बाघ-बाघिन और वन्यजीव मौजूद हैं. यहां से गुजरने वाली टनल देश की पहली ऐसी सुरंग है, जो वन्यजीव अभ्यारण्य के नीचे से गुजरेगी. इसका डिजाइन कुछ ऐसा किया गया कि वन्यजीव ऊपर अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित विचरण कर सकें और यातायात नीचे से गुजरे. इसकी बनावट ऐसी है कि तापमान भी मौसम के हिसाब से रहेगा यानी टनल गर्मी में ठंडी और सर्दी में गर्म रहेगी. यह सुरंग फायर सेफ्टी, सीसीटीवी कैमरा इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग, साउंड सिस्टम, पानी की पाइपलाइन, लाइटिंग और डिजिटल तकनीक से लैस होगी. 

जनसभा में हो सकती है अहम घोषणाएं

टनल क्षेत्र के पास ही केंद्रीय मंत्री की एक आमसभा भी प्रस्तावित है. मानसून को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर वॉटरप्रूफ डोम तैयार किया जा रहा है, ताकि बारिश के बावजूद आयोजन प्रभावित न हो. सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, यातायात और मंच निर्माण सहित सभी तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं. प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार टनल का निरीक्षण और सभा को संबोधित करने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी रतलाम के लिए रवाना होंगे. माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान एक्सप्रेसवे के शेष कार्यों और परियोजना की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं भी सामने आ सकती हैं.  

कोटा से दिल्ली-मुंबई की दूरी होगी कम 

यह सुरंग मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरेगी.

यह सुरंग मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरेगी.

इस एक्सप्रेस-वे से कोटा से दिल्ली और मुंबई की दूरी कम हो जाएगी, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा. ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह राजावत के मुताबिक, हर दिन कोटा से दिल्ली व मुंबई मार्ग पर 700 से 800 ट्रक गुजरते हैं. आवाजाही में करीब 24 से 36 घंटे का वक्त लगता है. एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह समय घटकर 12 से 18 घंटे का रह जाएगा. समय और दूरी कम होने के चलते कारोबार को बूम मिलेगा. संभावना जताई जा रही है कि इससे कारोबार का दायरा बढ़कर 7 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है. 

ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी का कहना है कि एक्सप्रेस-वे से कोटा भामाशाह कृषि उपज मंडी का व्यापार बढ़ेगा. इसका सीधा फायदा 5 लाख किसानों को होगा. प्रोसेसिंग फूड प्लांट के लिए भी कच्चा माल मिलने में सुविधा होगी, जिससे नई यूनिट लग सकेगी और वर्तमान में हुई चल रही यूनिट को माल के आयात-निर्यात में सुविधा मिलेगी.

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