गुरुग्राम में कल लगा था 8 किलोमीटर लंबा जाम, आज कैसे हैं हालात? | Gurugram Faces 10 Km long Traffic Amid Heavy Rainfall Flooding Road Cave in
Raisina- जुलाई 08, 2026 09:04 PM IST

गुरुग्राम में मानसून की बारिश अब आफत की बारिश बन चुकी है. मंगलवार (7 जुलाई 2026) को भारी जलभराव के कारण लगे 8 किलोमीटर लंबे जाम से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि बुधवार यानी आज हालात उससे भी खराब हो गए. आज शहर में बारिश और दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर सड़क धंसने से मुश्किलें और बढ़ गईं. इस वजह से 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया.
गुरुग्राम में बुधवार, 8 जुलाई 2026 को स्थिति बीते दिन से भी ज्यादा खराब रही. दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सड़क धंसने के कारण यातायात पूरी तरह चरमरा गया. इफको चौक से लेकर नरसिंहपुर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं.
Heavy rain slowed traffic at Pasco Red Light today. ️
Our team was right there, guiding commuters, clearing stuck vehicles and keeping traffic moving.
📞 112 | 1095#GurugramRains #PascoRedLight #GGMTraffic pic.twitter.com/zw92envlbC— Gurugram Traffic Police (@TrafficGGM) July 8, 2026
DCP ट्रैफिक (प्रतीक गहलौत) ने एनडीटीवी को बताया,”सड़क धंसने के तुरंत बाद इफको चौक से नरसिंहपुर के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. स्थिति को संभालने के लिए हमने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर तीन प्रमुख डायवर्जन बनाए हैं. धंसे हुए हिस्से की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है और उम्मीद है कि अगले एक घंटे के भीतर हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से शुरू कर दी जाएगी.”
उन्होंने यह भी बताया कि गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली पुलिस आपस में तालमेल बनाकर काम कर रही हैं. दोनों शहरों की पुलिस के संयुक्त प्रयासों से हाईवे और सीमाओं पर लगे जाम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा रहा है.
गुरुग्राम में फिर लगा कई किलोमीटर लंबा जाम… बताया जा रहा है कि ये जाम करीब 10 किलोमीटर तक का है!#GurugramNews | #Traffic pic.twitter.com/6uCAKXXySo
— NDTV India (@ndtvindia) July 8, 2026
वहीं, ट्रैफिक एसीपी सत्यपाल यादव ने एनडीटीवी बताया कि शहर में हुई मुसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया. इससे कई मुख्य रास्तों पर गाड़ियां ठप हो गईं और लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे.
गुरुग्राम नगर निगम भी पानी की निकासी को लेकर लगातार मशक्कत कर रहा है. नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने एनडीटीवी को बताया, हमने पूरे शहर में जलभराव वाले 155 संवेदनशील इलाकों की पहचान की थी. इनमें से 95 स्थानों पर तो स्थायी समाधान कर दिया गया है. लेकिन बाकी बचे इलाके निचले क्षेत्रों में आते हैं, जहां से पानी निकालने के लिए हमें पूरी तरह से वॉटर पंपिंग पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है.”
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