घर वापसी… भारत में रहते हुए भी दो दशक बाद कोलकाता पहुंचकर बोलीं तस्लीमा नसरीन, जानिए किसने रोका था अब तक
Raisina News Desk- अगस्त 01, 2026 04:12 AM IST

बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन दो दशक बाद कोलकाता लौटी हैं. वह भारत में ही रहती हैं पर कोलकाता जाने पर उन्हें मनाही थी. तस्लीमा ने एनडीटीवी से कहा कि कोलकाता आकर उन्हें घर वापसी जैसा महसूस हो रहा है. NDTV को दिए एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं इसे अपना दूसरा घर कहती थी. इसलिए ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश वापस आ गई हूं.”
ढाका छोड़ने के बाद कोलकाता को अपना घर बनाने वालीं नसरीन को 2007 में अपनी विवादित किताब ‘द्विखंडितो’ को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बाद ‘सिटी ऑफ जॉय’ (कोलकाता) छोड़ना पड़ा था. तब से वह दिल्ली में रह रही थीं. 63 वर्षीय लेखिका 1 अगस्त को होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आज सुबह कोलकाता पहुंचीं. रवींद्र सदन में होने वाला यह कार्यक्रम उनके सम्मान में आयोजित एक नागरिक अभिनंदन समारोह है. इसमें तस्लीमा नसरीन की कविताओं का पाठ, उनकी साहित्यिक कृतियों पर आधारित संगीत कार्यक्रम और साहित्य में उनके योगदान पर चर्चा शामिल होगी.
इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और मशहूर लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के शामिल होने की उम्मीद है. कल होने वाले अपने भाषण के बारे में नसरीन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोग उन्हें और उस कविता को सुनेंगे, जिसे वह इस मौके पर पढ़ने की योजना बना रही हैं. मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में 2003 में राज्य की लेफ्ट फ्रंट सरकार ने नसरीन की आत्मकथा ‘द्विखंडितो’ पर प्रतिबंध लगा दिया था. तब से, उस शहर में उनकी वापसी की कोशिशें समय-समय पर होती रही हैं, जिसे वह अपना दूसरा घर मानती हैं, लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसमें कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई.
इस बार, उनकी पार्टी और CPM इस मुद्दे पर एक ही पक्ष में दिखे; उन्होंने नसरीन की वापसी को धार्मिक बंटवारा पैदा करने की BJP की एक और कोशिश बताया. जब उनसे शहर में उनके कार्यक्रमों के बारे में पूछा गया, तो नसरीन ने कहा कि वह अपने पुराने दोस्तों से मिलना चाहेंगी और कॉलेज स्ट्रीट और उसके मशहूर कॉफी हाउस समेत अपनी पसंदीदा जगहों पर जाना चाहेंगी.
ये भी पढ़ें-
VIDEO: स्पेन में घुसी मोरक्को की 60 हजार की भीड़ का तांड़व, घरों में जबरन घुसे, सड़क पर जला रहे गाड़ियां
ANALYSIS: पंजाब का दोआबा, जहां हर दूसरे दलित परिवार का एक सदस्य विदेश में; राजनीति में किंगमेकर, आखिर कैसे?
Explainer: स्पेन में 50 हजार लोगों की घुसपैठ से क्यों टेंशन में आया यूरोप, इटली-फ्रांस समेत कई देशों पर खतरा
PoK के नागरिक दुश्मन… पाकिस्तान के रक्षामंत्री के बयान को भारत ने बताया ‘तिरस्कार’, चुनाव को बताया ‘शर्मनाक’