दिल्ली के सत्य निकेतन में पूरी रात चला रेस्क्यू, 6 की मौत, सर्च ऑपरेशन में स्निफर डॉग्स को भी लगाया गया
Raisina News Desk- सितंबर 07, 2026 07:35 AM IST

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है. पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. बिल्डिंग का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है. अभी भी कुछ लोगों की दबे होने की आशंका है. NDRF की टीम ट्रेंड स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल उन जगहों को खोजने और उनकी पहचान करने के लिए किया जा रहा है, जहां बचे हुए लोग या पीड़ित फंसे हो सकते हैं. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुए हादसे का जायजा लेने के बाद मैजिस्ट्रियल जांच और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने FIR में BNS की धारा 125, 290, 125 ए लगाई हैं.
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पीजी की बिल्डिंग ढह गई थी. दिल्ली पुलिस के अनुसार यह इमारत पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी. हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसके चलते इमारत गिर गई. हादसे में छह लोगों की मौत हो गई. दिल्ली पुलिस ने हॉस्टल मालिक आनंद बंसल के भाई हरिराम बंसल के खिलाफ साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में मामला दर्ज किया है. बिल्डिंग हादसे में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज हुई है. केस में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है.
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ABVP ने किया प्रदर्शन
इस हादसे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की. ABVP कार्यकर्ताओं ने MCD की लापरवाही और अवैध निर्माणों पर रोक न लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की. उन्होंने एमसीडी कमिश्नर, चेयरमैन और मेयर के इस्तीफे की मांग की. ‘सुरक्षित कैंपस हमारा अधिकार’ और ‘लापरवाही नहीं स्वीकार’ जैसे नारे लगाए.
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद एमसीडी ने एक आदेश जारी किया, ”यह देखा गया है कि नई दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग/घर नंबर 13 की जगह पर कब्जा है. यह प्रॉपर्टी जर्जर और खतरनाक हालत में है और इसमें रहने वाले, यहां आने-जाने वाले या इसके पास से गुज़रने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, और साथ ही आस-पास के लोगों के लिए भी खतरनाक है. DMC एक्ट 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत आपको आदेश दिया जाता है कि इस आदेश के मिलने के तीन दिनों के भीतर ऊपर बताई गई वजह और मकसद के लिए प्रॉपर्टी को गिरा दें, ताकि उससे होने वाले किसी भी खतरे को रोका जा सके. यह साफ किया जाता है कि अगर आप ऊपर बताई गई समय-सीमा के भीतर इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो खतरनाक इमारत को M.C.D. द्वारा गिरा दिया जाएगा, और गिराने का खर्च इस एक्ट के तहत टैक्स की बकाया राशि के तौर पर आपसे वसूला जाएगा.
गौरतलब है कि ये घटना दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई. ये इमारत दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास है. यहां पर कई शैक्षणिक संस्थान होने की वजह से यहां पीजी और हॉस्टल चलते थे. आसपास का पूरा इलाका बहुत कंजेस्ट्ट है. आसपास बड़ी संख्या में इमारतें एक दूसरे से सटाकर बनाई गई हैं. ऐसे में जैसे ही बिल्डिंग गिरी तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मलबे में कई लोग दबे थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में पहली प्राथमिकता दबे हुए लोगों को सकुशल निकालने की थी, लेकिन संकरा इलाका होने के चलते काम में रुकावट भी आई. मलबा हटाने के लिए हाथों का इस्तेमाल ज्यादा किया गया, ताकि जो लोग दबे हुए हैं मशीन से उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे.
हादसे में घायल 11 मरीजों को AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. अस्पताल ने अपडेट देते हुए बताया कि घायलों में 5 मरीजों को मृत अवस्था में लाया गया. 1 गंभीर मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 3 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है. 1 मरीज की पैर और हाथ के अंग की सर्जरी की गई है. 1 मरीज को मामूली चोट थी, जिसे निगरानी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.