धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर किसने क्या कहा? AAP से कांग्रेस तक ने कुछ यूं दी प्रतिक्रिया
Raisina News Desk- जुलाई 25, 2026 05:12 PM IST

नई दिल्ली:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपरलीक मामले को लेकर नयी दिल्ली के जंतर मंतर समेत देशभर में जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया. प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दो पेज में इस्तीफे का ऐलान करते हुए लिखा, ‘‘पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है.”प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा.
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि ये इस्तीफा दिखाता है कि अगर आप कुछ चाह लें तो उसे पूरा कर सकते हैं. इसके साथ उन्होंने दो और मांगों की बात भी कही है.
Congratulations to the entire country on Dharmendra Pradhan’s resignation. Big win for democracy. pic.twitter.com/whzjhwSjOs
कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर कहा. अभी हमारी तीन और मांगे हैं. उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी तीन और मांगें हैं. हमारी पहली मांग है कि पेपर लीक के कारण जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए, दूसरी मांग ये कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं होना चाहिए. और हमारी तीसरी मांग सुरक्षाकर्मियों से जुड़ी है. हम चाहते हैं कि जिन सुरक्षाकर्मियों ने 20 तारीख को छात्रों को पीटा है वो सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी मांगे.
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, ‘ये इस्तीफा नहीं, इंकलाब है!’
ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 25, 2026
अखिलेश यादव की पत्नी और सांसद डिंपल यादव ने लिखा, ‘प्यारे बच्चों, यह जीत आपकी है. हम आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगन को सलाम करते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. साथ ही, मुझे इस बात का गहरा अफसोस है कि आपको इतनी तकलीफ, मारपीट, सदमे और अपमान का सामना करना पड़ा. देश को बदलाव की जरूरत है. ऐसा बदलाव, जिससे सिस्टम में जान-बूझकर फैलाए गए भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके. ताकि देश तरक्की कर सके और हमारे देश के युवाओं की उम्मीदें और सपने पूरे हो सकें.’
राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है. शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है. सड़कों पर आकर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई. 2 मांगें अभी भी बाकी हैं – प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो. ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है – अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है. इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है. डरो मत!’
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें… pic.twitter.com/Uc2cEOCVKA
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026
आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को जनता के सामने झुकना पड़ा. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर कर लिखा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई. लोकतंत्र के लिए बड़ी जीत.”
Congratulations to the entire country on Dharmendra Pradhan’s resignation. Big win for democracy. pic.twitter.com/whzjhwSjOs
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 25, 2026
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस्तीफे पर कहा, “आखिर में, कम से कम मैं यह कह सकता हूं कि सरकार पर समझदारी हावी हो गई है. यह बहुत पहले किया जा सकता था. अगर यह बहुत पहले किया गया होता, तो इस तरह की अनहोनी से बचा जा सकता था. पैलेट गन, आंसू गैस, लाठीचार्ज, सब कुछ टाला जा सकता था. अब मुझे लगता है कि निराशा में सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देने पर मजबूर हुई है. निराशा में सरकार अपने ही मंत्री का इस्तीफा लेने पर मजबूर हुई है. मुझे प्रदर्शनकारियों, उनके जज़्बे और पक्के इरादे को सलाम करना चाहिए. मुझे अपने नेता राहुल गांधी को सलाम करना चाहिए, जो हमेशा उनके साथ खड़े रहे.”
एक्स पर अपने पोस्ट में सोनम ने लिखा, “यह लोकतंत्र की जीत है. डॉयरेक्ट डेमोक्रेसी… जो सड़कों से निकला है. ये शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. CJP और देश की ‘जेन जी’ (Gen Z) को बधाई, और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद, जिन्होंने डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई. जवाबदेही से अब सुधार की ओर.”
IT’S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy… straight from the streets.
It’s a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 25, 2026
कांग्रेस की तरफ से एक्स पर लिखा गया, ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, भारत के GEN Z की जीत है. ये जीत उन करोड़ों युवाओं की है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवाज बुलंद की. युवाओं के सत्य के सामने नरेंद्र मोदी का घमंड टूटा है, उनके झूठ की हार हुई है. युवाओं ने एक अयोग्य और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत है, भारत के GEN Z की जीत है।
ये जीत उन करोड़ों युवाओं की है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवाज बुलंद की।
युवाओं के सत्य के सामने नरेंद्र मोदी का घमंड टूटा है, उनके झूठ की हार हुई है।
युवाओं ने एक अयोग्य…
— Congress (@INCIndia) July 25, 2026
NEET पेपर लीक होने के पहले दिन से ही नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक युवाओं को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे हैं. ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी – जब तक शिक्षा व्यवस्था सुधर नहीं जाती. नरेंद्र मोदी को हमारे युवाओं पर लाठी चलवाने, पैलेट गन से हमला करने के लिए माफी मांगनी ही होगी.’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई. ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई. ये सत्य की जीत है और पीएम मोदी के हठ की हार है. ये उन सभी परिवारों की जीत है जिन्होंने अपने खून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है. ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई. अब बारी है पीएम मोदी को हमारी युवा पीढ़ी से माफी मांगने की और जिन्होंने उन पर लाठी-डंडे-पैलेट गन चलवाई, उन पर कठोर कार्यवाही करने की.’
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने लगातार 28 दिनों तक जो संघर्ष और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह वाकई तारीफ के काबिल है. प्रदर्शनकारियों की लगातार मांग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है. यह लड़ाई, जो बिना डरे दमन के खिलाफ मजबूती से लड़ी गई और सरकार को अन्याय के खिलाफ नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने पर मजबूर किया, यह लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है. यह देश में युवा शक्ति की एकता की एक बड़ी जीत है. साथ ही विपक्षी दलों के सभी सांसदों का भी दिल से शुक्रिया, जिन्होंने देश के युवाओं को नैतिक और संसदीय समर्थन दिया. मैं निश्चित रूप से यह कहना चाहूंगा कि देश में लोकतंत्र की जीत हुई है और इसका श्रेय निस्संदेह देश की युवा पीढ़ी को जाता है.
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने एक्स पोस्ट में लिखा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद ही आया है. मैं नीट यूजी मुद्दे पर डटे रहने वाले हर प्रदर्शनकारी को बधाई देती हूं. लेकिन यह अंत नहीं हो सकता. हम असल जवाबदेही, व्यापक शैक्षिक सुधार और संसद में नीट मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि यह भारत के युवाओं की जीत है. आपकी ताकत ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया. यह जनता की जीत है, उन सभी लोगों की जीत है जिन्होंने हमारे सिस्टम में जवाबदेही के लिए लड़ाई लड़ी. जिस पल नीट का पेपर लीक हुआ, तभी से कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. विपक्ष एकजुट होकर जवाबदेही की एक ही मांग के साथ इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था.