परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर फिर एक्शन में आई सरकार, 3 दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संभावित संशोधन विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. सूत्रों के अनुसार, संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने के बाद तत्काल सत्रावसान नहीं किया जा सकता, ताकि जरूरत पड़ने पर जल्द विशेष सत्र बुलाया जा सके. सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने की दिशा में काम कर रही है. यदि संख्या बल सुनिश्चित हो जाता है तो 17 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. 

संसदीय कार्यमंत्री ने की राहुल गांधी से बात

संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिशों के तहत संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक में प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं. सूत्रों के मुताबिक रिजिजू ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस का सहयोग मांगा, लेकिन राहुल गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि चंदा चोरी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बिना सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकेगी. बैठक में संसद में बने गतिरोध और उसे समाप्त करने के संभावित रास्तों पर भी चर्चा हुई.

अप्रैल में विपक्ष परिसीमन बिल का यह कह कर विरोध किया था कि इससे दक्षिण और छोटे राज्यों की भागीदारी घटेगी. हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया था कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या मौजूदा अनुपात में ही बढ़ेगी. लेकिन बात नहीं बन पाई.

वहीं सरकार दोनों सदनों में अब दो तिहाई बहुमत से ज़्यादा दूर नहीं है. संख्या जुटाने के लिए सरकार इस पर परिसीमन बिल में सीटों में पचास फीसदी बढ़ोतरी का लिखित प्रावधान कर सकती है.

सरकार के पास क्या है विकल्प?

सूत्रों के अनुसार सरकार के सामने फिलहाल दो विकल्प हैं. पहला, विपक्ष से सहमति बनाकर मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में परिसीमन और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया जाए, या दूसरा, 15 अगस्त के अवकाश के बाद सत्र को आगे बढ़ाया जाए. प्रस्तावित संशोधन में लोकसभा और विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा अगले लोकसभा चुनाव से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने का प्रावधान बताया जा रहा है. राजनीतिक समीकरणों में हाल के बदलावों के बाद सरकार दोनों सदनों में आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है. सूत्रों का दावा है कि सीटों में बढ़ोतरी का स्पष्ट प्रावधान किए जाने पर कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन भी मिल सकता है.

यह भी पढ़ें : सरकार ने कांग्रेस से परिसीमन बिल पर मांगा सहयोग, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी शर्त


Prev Post
Next Post