'पुलिस एक्शन लेना चाहती थी, ऊपर वालों ने रोका', पैलेट गन मामले में धरना प्रदर्शन के बाद बोले राहुल

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्थ स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरना दिया था.कथित तौर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल को न्याय दिलवाने के लिए राहुल ने यह धरना दिया था. अब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग मान ली है. राहुल गांधी पुलिस के इस ऐलान के बाद अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है और पहला बयान भी दिया है.

राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस तो FIR दर्ज करना चाहती थी, लेकिन ऊपर वालों ने न्याय पर ब्रेक लगा दिया था. नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया. राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। केस दर्ज हुआ है। इनके शरीर में छर्रे (पेलेट्स) हैं; इनकी आंख में तीन छर्रे हैं। आंख से दिखाई नहीं देता है। तीन या चार उसके दिल के पास हैं। इस नौजवान के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। हम आज सुबह या बजे यहां पहुंचे थे। अब जाकर FIR दर्ज हुई है। ये दिल्ली के बीच में पुलिस स्टेशन है यहां न्याय नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि सोचिए कि किसी गांव या छोटे शहर के पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा। हमने यहां कुछ गलत नहीं किया; हमने बस एक भारतीय नागरिक उसके माता-पिता के लिए न्याय मांगा और उसमें 8 घंटे लग गए। आखिरी मंज़ूरी होम सेक्रेटरी और अमित शाह को देना पड़ा। उसके बाद ही FIR दर्ज हो पाई। आप समझ सकते हैं कि FIR को कौन रोक रहा था। ये पुलिस अधिकारी FIR दर्ज करना चाहते थे; लेकिन ऊपर से न्याय के ब्रेक लगे हुए हैं।

वैसे राहुल गांधी के धरने प्रदर्शन पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस नेता की तारीफ करते हुए कहा कि राहुल गांधी वो ही कर रहे हैं जो देश की जनता उनसे उम्मीद करती है। विपक्ष के नेता का काम है- सरकार से जवाब लेना। विपक्ष के नेता का काम है- सरकार को जवाबदेह बनाना और राहुल गांधी यही कर रहे हैं। मैं चाहूंगा कि वे ऐसे ही काम करते रहें.

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जानकारी के लिए बता दें कि पैलेट गन मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत FIR दर्ज की है। यहां भी BNS की धारा 118 खतरनाक हथियारों से जान-बूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है, वहीं धारा 125 दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी है.


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