ब्रिक्स के जरिए दुनिया तक पहुंचेगा भारत, हमारा 21 देशों का परिवार आधे विश्व के बराबर: पीएम मोदी
Raisina News Desk- सितंबर 11, 2026 11:31 PM IST

नई दिल्ली:
पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत इसके माध्यम से दुनिया तक पहुंचेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समूह की जब 2006 में शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ 4 देश थे. आज ब्रिक्स और उसके साझीदारों को मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है. आज दुनिया की 50 फीसदी आबादी, 25 फीसदी दुनिया का ट्रेड इन देशों में है और हमारी जीडीपी दुनिया के 40 फीसदी के बराबर है. हमारी आर्थिक ग्रोथ दुनिया की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है. ग्रासरूट से लेकर फ्रंटियर तकनीक तक हमारे देशों में इनोवेशन की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं. ब्रिक्स का बढ़ते स्केल, स्पीड और ऑप्टिमिज्म हमारे बीच साफ दिखाई दे रही है. भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान वैश्विक व्यापार को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि ग्लोबल ट्रेड तभी आगे बढ़ सकता है, जब सी लेन ओपन हो. सी रूट सुरक्षित हो और समुद्री यात्री भी सुरक्षित हों. यह बात उन्होंने तब कही, जब ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान सामने ही बैठे थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज तेजी से विकास कर रहा है. हमने स्पेस, बायोटेक समेत कई चीजों में नई संभावनाएं तैयार की हैं. मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया और स्केल फॉर द वर्ल्ड के तहत भारत में स्टार्टअप रिवॉलूशन हो रहा है. भारत में दो लाख स्टार्टअप्स हैं. आज विश्व के 50 फीसदी रियलटाइम पेमेंट भारत की यूपीआई तकनीक के आधार पर होते हैं. हमें ब्रिक्स के जरिए दुनिया तक पहुंचना है. पीएम मोदी ने कहा कि हम दुनिया में कारोबार के सामने आए बैरियर्स को खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम लिए बिना कहा कि व्यापार के रूटों को सुरक्षित करना होगा. समुद्री रास्तों को सुरक्षित करना होगा.
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था दुनिया की 40 फीसदी जीडीपी के बराबर है. यही नहीं उन्होंने अमेरिकी लीडरशिप वाले जी-7 पर तंज भी कसा और कहा कि उसकी जीडीपी तो 18 पर्सेंट ही है. इस तरह व्लादिमीर पुतिन और नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स की ताकत को बताया तो वहीं दुनिया में फ्री ट्रेड की वकालत भी की. इस फोरम में ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान भी मौजूद थे. बता दें कि इस बिजनेस फोरम से पहले पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने पुतिन को तमिल भाषा के ग्रंथ तिरुक्कुरल को भेंट किया था. इस ग्रंथ का रूसी भाषा में अनुवाद पुतिन को भेंट किया गया है.
पेजेश्कियान और व्लादिमीर पुतिन के साथ ब्रिक्स बिजनेस फोरम से निकलते पीएम नरेंद्र मोदी
बता दें कि ब्रिक्स समिट को लेकर अमेरिकी मीडिया में भी काफी कवरेज की गई है. यही नहीं अमेरिकी मीडिया में इस जमावड़े को लेकर यह भी कहा गया है कि क्या इससे अमेरिका को चिंतित होना चाहिए. वहीं अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट में लिखा कि भले ही इस समिट में दुनिया की आधी का प्रतिनिधित्व करने वाले देश जुड़ रहे हैं, लेकिन उनके बीच आपसी मतभेद भी काफी ज्यादा हैं. अमेरिका की चिंताओं के बीच व्लादिमीर पुतिन ने जी-7 पर तंज भी कस दिया. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि तमाम पाबंदियों के बाद भी रूस दुनिया की ग्रोथ के साथ ही आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ देश प्रतिबंध लगाने वाले हैं और तेल की सप्लाई को बाधित किया जा रहा है. फिर भी हम आगे बढ़ रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान ब्रिक्स देशों के बीच कुछ सुझाव भी रखे. उन्होंने पूछा-
– क्या ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में आने वाली सबसे बड़ी 10 बाधाओं पर रिपोर्ट तैयार की जा सकती है?
– क्या हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप्स को दूसरे ब्रिक्स देशों के बाजारों में विस्तार करने में मदद मिल सकती है?
– क्या हर साल कारोबार के क्षेत्र में 1,000 नई साझेदारियां बनाई जा सकती हैं?
पीएम मोदी ने कहा कि इन तीनों लक्ष्यों पर हर साल प्रगति की समीक्षा होनी चाहिए. ब्रिक्स को अपनी महत्वाकांक्षाओं को जमीन पर उतारना होगा और सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलना होगा. उनके शब्दों में ब्रिक्स आगे बढ़ेगा तो दुनिया भी आगे बढ़ेगी.