भारत में एयर टैक्सी अब ज्यादा दूर नहीं, एविएशन मंत्री ने डिजाइन को दी मंजूरी, 15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम!

नई दिल्ली:

Air taxis in India: भारत में एयर टैक्सी की सुविधा में अब ज्यादा दिनों की दूरी नहीं बची है. आपने अब तक हॉलीवुड की फिल्मों में या फिर मोबाइल के रील में एयर टैक्सी का नजारा देखा होगा. लेकिन कुछ महीनों बाद भारत में यह सुविधा हकीकत में नजर आएगी. लोग एक जगह से दूसरी जगह हवा में उड़ती हुई इन ट्रैक्सियों से सफर करेंगे. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत में एयर टैक्सी जरूर उड़ेंगी. उन्होंने Sarla Aviation को देश का तीसरा eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग) डिजाइन आर्गेनाईजेशन अप्रूवल सौंप दिया है. eVTOL यानी ऐसे इलेक्ट्रिक विमान जो हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ान भर सकते हैं. उतर सकते हैं.

दो साल में भारत में शुरू हो सकती है एयर टैक्सी की सुविधा

एविएशन मंत्री की माने तो अगले 2 साल में भारत में eVTOL का संचालन शुरू होने की उम्मीद है. मतलब कि 2028 तक भारत में एयर ट्रैक्सी की सुविधा का शुभारंभ हो सकता है. भारत सिर्फ इन एयर टैक्सियों का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि उन्नत एयर मोबिलिटी तकनीक को डिजाइन और बनाने वाला देश भी बनेगा.

इन तकनीकों को भारत से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाने का लक्ष्य है. यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है. राम मोहन नायडू ने इसे eVTOL और एयर टैक्सी के क्षेत्र में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है. 

केंद्रीय एविएशन मंत्री ने कहा- भारत में जल्द उड़ेंगी एयर टैक्सी

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा- क्या भारत में एयर टैक्सी उड़ेंगी? आज सरला एविऐशन को देश का तीसरा eVTOL डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल (DOA) सौंपते हुए, मेरा जवाब पूरे भरोसे के साथ ‘हां’ है! अगले 2 सालों में, भारत न सिर्फ़ eVTOLs का संचालन करेगा, बल्कि हम दुनिया के लिए एडवांस्ड एयर मोबिलिटी समाधानों का डिजाइन और निर्माण भी करेंगे.

इतिहास में आज ही के दिन विल्बर राइट ने अपनी पहली पब्लिक फ़्लाइट का प्रदर्शन किया था. आज का यह माइलस्टोन eVTOL युग के लिए भी वैसा ही एक अहम मोड़ है, जिसके केंद्र में प्रधानमंत्री का ‘आत्मनिर्भरता’ का विजन है.

रनवे की जरूरत नहीं, शोर भी कम

इन विमानों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे रनवे की जरूरत नहीं है. ये विमान हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उड़ सकते हैं और लैंड कर सकते हैं. इसके अलावा, ये हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक तकनीक पर चलते हैं, जिससे इनका शोर कम होता है और संचालन का खर्च हेलीकॉप्टर की तुलना में काफी कम आता है. 

15 मिनट में गुरुग्राम से नोएडा

वहीं, ये विमान 300 किलोमीटर तक की दूरी आसानी से तय कर सकते हैं, जो इंटर-सिटी ट्रेवल (एक शहर से दूसरे शहर) के लिए पर्याप्त है. सरला एविएशन द्वारा विकसित किए जा रहे एयर टैक्सी के जरिए नोएडा से गुरुग्राम की दूरी मात्र 15 मिनट में तय की जा सकती है. एयर टैक्सी की इस कवायद के बीच अभी हाल ही में उत्तराखंड के एक युवक ने भी फ्लाइंग कार का सफल परीक्षण किया है. 

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