लखीमपुर खीरी हिंसा केस: आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, ट्रायल कोर्ट जाने को कहा

Lakhimpur Kheri Violence Case: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई अतिरिक्त राहत नहीं मिली है. शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत की शर्तों में और ढील देने से इनकार करते हुए कहा कि पहले ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाए. सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा की ओर से पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाने का हवाला दिया गया, जबकि मामले से जुड़े पक्षों ने ट्रायल की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस स्तर पर वह जमानत शर्तों में हस्तक्षेप नहीं करेगा और संबंधित शिकायतें पहले ट्रायल कोर्ट के सामने रखी जानी चाहिए.

क्या है मामला?

लखीमपुर खीरी हिंसा मामला वर्ष 2021 में हुई उस घटना से जुड़ा है. इस मामले में आशीष मिश्रा आरोपी हैं और उनकी जमानत पहले से कुछ शर्तों के साथ मंजूर की गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद साफ है कि जमानत शर्तों में बदलाव की कोई भी मांग पहले ट्रायल कोर्ट के समक्ष ही रखनी होगी.

जमानत शर्तों

सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा कि अगर आरोपी को जमानत की शर्तों में कोई बदलाव चाहिए, तो इसके लिए उपयुक्त मंच ट्रायल कोर्ट है. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए ऐसे किसी आवेदन पर विचार कर सकता है.

पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल न हो पाने की दलील

सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि मौजूदा जमानत शर्तों के कारण वह पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने अदालत को बताया कि वह अपनी बेटियों के जन्मदिन जैसे पारिवारिक आयोजनों में भी शामिल नहीं हो सके, इसलिए जमानत की शर्तों में और राहत दी जानी चाहिए.

ट्रायल की प्रक्रिया पर उठी चिंता

मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने ट्रायल की कार्यवाही को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत में पेश नहीं कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष महत्वपूर्ण गवाहों, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं, को गवाही के लिए पेश नहीं कर रहा है.

CJI सूर्यकांत की टिप्पणी

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश  सूर्यकांत ने कहा कि ट्रायल की प्रक्रिया को लेकर यदि कोई शिकायत है, तो उसे पहले संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष उठाया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आशीष मिश्रा की जमानत की मौजूदा शर्तों में कोई अतिरिक्त ढील नहीं दी जाएगी और यदि किसी संशोधन की आवश्यकता है तो इसके लिए ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा 



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