लद्दाख जाना होगा और आसान, दिसंबर तक थोइस से शुरू हो सकती हैं नागरिक उड़ानें
Raisina News Desk- अगस्त 23, 2026 02:53 AM IST

लद्दाख के दूरदराज इलाकों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. नुब्रा वैली स्थित थोइस एयरपोर्ट से दिसंबर 2026 तक नागरिक उड़ानें शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है. इससे न केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी बल्कि पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. भारतीय वायुसेना ने नए सिविल टर्मिनल के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित करने की मंजूरी दे दी है.
थोइस एयरपोर्ट के रनवे की री-कारपेटिंग का काम भी तेजी से चल रहा है. इसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. नए सिविल टर्मिनल के तैयार होने का इंतजार किए बिना पुराने चार्टर्ड फ्लाइट टर्मिनल को अपग्रेड कर नागरिक उड़ानों की शुरुआत की जाएगी.
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों की जानकारी लद्दाख प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद लोक निर्माण विभाग आवश्यक सुविधाओं के विकास पर काम करेगा.
नुब्रा वैली लद्दाख के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है. फिलहाल यहां पहुंचने के लिए पर्यटक मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर हैं. उड़ानें शुरू होने के बाद तुर्तुक, सियाचिन बेस कैंप और घाटी के अन्य हिस्सों तक पहुंचना कहीं अधिक आसान हो जाएगा. लद्दाख प्रशासन का मानना है कि बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होगी.
कारगिल एयरपोर्ट को भी नागरिक उड़ानों के लिए तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. 1 सितंबर को भारतीय वायुसेना, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त टीम एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी. यह निरीक्षण उपराज्यपाल की मौजूदगी में होगा.
टीम एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे, तकनीकी जरूरतों और नागरिक उड़ानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन करेगी. हालांकि कारगिल से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत की तारीख अभी तय नहीं हुई है.
नई दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में रक्षा मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायुसेना, एएआई और लद्दाख प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. उपराज्यपाल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समावेशी विकास के विजन को मजबूत करेगी.