लद्दाख में Gen-Z का बवाल! CM अब्दुल्ला बोले- ये 'जानते नहीं मेरा बाप कौन है' का नया वर्जन है
Raisina News Desk- अगस्त 19, 2026 11:05 PM IST

‘जानता नहीं मेरा बाप कौन है?’… इस डायलॉग को कभी रौब दिखाने का सबसे चर्चित जुमला माना जाता था. लेकिन जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला का मानना है कि अब इसकी जगह एक नया वाक्य ले रहा है, “हम Gen-Z हैं.” अब्दुल्ला ने कारगिल के एक चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों से बहस करती एक महिला पर्यटक के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की. वीडियो में महिला यात्रा प्रतिबंध से नाराज होकर बार-बार कहती सुनाई देती है, “हम Gen-Z हैं, हम यह सब बर्दाश्त नहीं करेंगे.”
इस पर उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हम Gen-Z हैं, अब कुछ हद तक ‘जानता नहीं मेरा बाप कौन है’ जैसे जुमले की तरह इस्तेमाल होने लगा है. Gen-Z के प्रति लोगों की सकारात्मक सोच को खत्म करने का सबसे आसान तरीका है कि हर छोटी असुविधा पर इसे एक धमकी या विशेष पहचान की तरह पेश किया जाए.’
यह घटना द्रास के मिनिमार्ग चेक पोस्ट के पास की बताई जा रही है. यहां मिनिमार्ग-ज़ोजिला-सोनमर्ग मार्ग पर सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी गई थी. इंतजार लंबा होने के बाद कुछ पर्यटक नाराज हो गए और बहस शुरू हो गई. वायरल वीडियो में महिला सवाल उठाती है कि जब एक मंत्री और कुछ अन्य लोगों को आगे जाने दिया गया, तो आम पर्यटकों को क्यों रोका गया.
This “we are Gen Z” has become the new “jaantay nahin ho mera baap kaun hai”. The quickest way to erode any Gen Z goodwill is to start using it as a threat at the slightest perceived affront. https://t.co/ya5OJTgxIn
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 19, 2026
वीडियो में महिला कहती नजर आती है, “पांच घंटे हो गए हैं. हमें आगे नहीं जाने दिया जा रहा. क्या हम घूमने आए हैं या यहां फंसने के लिए? अगर कुछ लोगों को जाने दिया जा सकता है तो हमें क्यों रोका जा रहा है?” वीडियो के दौरान कई अन्य पर्यटक भी उसकी बातों का समर्थन करते दिखाई देते हैं.
लद्दाख पुलिस के अनुसार, यह वीडियो 26 जुलाई के आसपास का है, जब कारगिल विजय दिवस समारोह के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. इसी वजह से कुछ मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे. हाल के महीनों में “Gen-Z” शब्द सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं में भी काफी सुर्खियों में रहा है. युवा आंदोलनों और सोशल मीडिया अभियानों के चलते यह शब्द केवल एक पीढ़ी की पहचान नहीं, बल्कि एक नए सामाजिक-राजनीतिक दृष्टिकोण के प्रतीक के रूप में भी सामने आया है.
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