वंदे मातरम, स्टूडेंट प्रोटेस्ट और चंदा चोरी… कांग्रेस CWC बैठक में क्या हुआ? इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली:

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह तय हुआ है कि पार्टी वंदे मातरम् को दो ही पैराग्राफ की गाएगी. कांग्रेस का कहना है कि आजादी से पहले 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यही तय हुआ है और उस वक्त यह तय करने वालों में गांधी, नेहरू और पटेल भी थे. हालांकि ये बात कांग्रेस अध्यक्ष ने एक दिन पहले ही गोवा की एक सभा में भी कही थी.

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी  ने करीब 20 मिनट का भाषण दिया और उनके भाषण में निशाने पर प्रधानमंत्री और बीजेपी नेतृत्व रहा.  राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार बैकफुट पर है और अपनी लोकप्रियता खो रही है और यही समय है जब कांग्रेस अपने आप को आगे ला सकती है.

राहुल ने दो मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर दिया एक कि छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस अब और आक्रामक होगी और पूरे देश के 800 जिलों में छात्रों की समस्या को लेकर जाएगी. 

छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस का क्या प्लान है?

छात्रों की गूंज जैसे कार्यक्रम चलते रहेंगे और राहुल गांधी अलग-अलग राज्यों में जाएंगे मगर यह भी तय हुआ कि जहां राहुल गांधी नहीं जा पाएंगे वहां युवा कांग्रेस नेता जैसे सचिन पायलट,गौरव गोगोई और तमाम ऐसे नेता हैं उनको भेजा जाएगा.

राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यहां तक कहा कि यह सरकार छात्रों के मुद्दों पर ‘बैकफुट’ पर है और यही मौका है कांग्रेस के लिए वो इसे बड़ा मुद्दा बना दे. 

राहुल गांधी ने कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को कहा है शिक्षा के मामले को वो गंभीरता से लें और कांग्रेस शासित राज्य में कोई पेपर लीक ना हो ना ही नौकरी देने में कोई धांधली किया जाए.

राहुल गांधी ने कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के कहा कि वो अपने अपने राज्य में एक आदर्श शिक्षा नीति तैयार करें और उससे पहले वो उनसे उस पर बातचीत करें तभी वो लागू हो. यह भी तय हुआ है कि उत्तरप्रदेश में छात्रों के इस आंदोलन को बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जाएगा और उसके साथ अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी को भी जोड़ा जाएगा जहां समाजवादी पार्टी का भी साथ लिया जाएगा.

चंदा चोरी मुद्दे पर भी कांग्रेस की नजर

चंदा चोरी को कांग्रेस पेपर लीक के साथ एक बड़े मुद्दे के रूप में देख रही है और जिन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव हो रहे हैं उन राज्यों में इन दोनों मुद्दों को बड़ी मजबूती से उठाया जाएगा.

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भारत चीन सीमा विवाद पर भी चर्चा हुई.कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की तरफ से भी एक प्रचेंटेशन दिया गया,यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हाल के दिनों में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का सोशल मीडिया पर कितना प्रभाव रहा है साथ ही जब बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्रमुख को बदल दिया है.

कांग्रेस अब सोशल मीडिया की लड़ाई में बीजेपी को हराना चाहती है या कहें बीजेपी की लड़ाई में उसी को मात देना चाहती है क्योंकि एक वक्त सोशल मीडिया में बीजेपी आगे थी और अब कांग्रेस तो लग रहा है कि वो आगे बढ़ रही है.

कुल मिलाकर कांग्रेस इस कार्यसमिति की बैठक को सफल मान रही है मगर जो इस बैठक में तय हुआ है वो कितना धरातल पर उतर पाएगा यह अभी देखना होगा.



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