सरकारी दफ्तरों में 'आत्मनिर्भर' चाय! केंद्र सरकार का फैसला
Raisina News Desk- जुलाई 27, 2026 11:04 AM IST

नई दिल्ली:
भारत के सभी सरकारी दफ्तरों में जल्द ही एक अलग तरह की चाय परोसी जा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुश्किल दौर से गुजर रही एक सरकारी कंपनी को सहारा देने के मकसद से, भारी उद्योग (Heavy Industries) मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि सरकारी बैठकों, सम्मेलनों, कैंटीन और सरकारी कार्यक्रमों में ‘यूल टी’ (Yule Tea) परोसी जाए. यह चाय ब्रांड सरकारी कंपनी AYCL यानी ‘एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड’ का है.
मंत्रालय की तरफ से हाल ही में भेजे गए एक पत्र में सभी मंत्रालयों और अलग-अलग विभागों से कहा गया है कि वे अपने नियंत्रण में आने वाले संगठनों को ‘सरकारी कंपनी को सपोर्ट करने के लिए सरकारी चाय पीने’ के लिए प्रोत्साहित करें.
अगर इसे बड़े पैमाने पर लागू किया जाता है, तो इससे सरकारी दफ्तरों में ‘यूल टी’ पसंदीदा चाय बन जाएगी, जिससे इस पुरानी कंपनी को एक बड़ा संस्थागत बाजार मिल जाएगा.
चाय को बढ़ावा देने की कोशिश!
यह प्रस्ताव ऐसे वक्त में आया है, जब भारी उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाली सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज, ‘एंड्रयू यूल एंड कंपनी’ प्रीमियम चाय का उत्पादन करने के बावजूद आर्थिक तंगी का सामना कर रही है.
कंपनी असम और पश्चिम बंगाल में 15 चाय बागानों की मालिक है और उनका मैनेजमेंट करती है. यह ‘यूल टी’ ब्रांड के तहत ऑर्थोडॉक्स, CTC, ग्रीन और फ्लेवर्ड चाय बनाती है. यह लंबे वक्त से टी बोर्ड के जरिए संसद को चाय की सप्लाई भी करती रही है.
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पार्लियामेंट्री पैनल ने की थी सिफारिश
मंत्रालय की यह अपील डिपार्टमेंट से जुड़ी ‘पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑन इंडस्ट्री’ की सिफारिशों के बाद आई है, जिसने सरकार को एंड्रयू यूल के बनाए प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और बढ़ाने के लिए मंत्रालयों और विभागों के साथ कोऑर्डिनेट करने की सलाह दी थी.
अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की चाय को कस्टमर्स से पॉजिटिव फीडबैक मिला है, लेकिन ऑपरेशनल चुनौतियां इसके फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर असर डाल रही हैं.
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PM मोदी ने चाय को लेकर कही खास बात!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस चाय की सांस्कृतिक अहमियत का जिक्र किया. इसके बाद, यह चाय चर्चा के केंद्र में आ गई. रविवार को ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे देश में चाय सिर्फ एक पेय नहीं है, यह अपनापन और साथ का प्रतीक है. चाहे दिन की शुरुआत हो, दोस्तों से मिलना हो या परिवार के साथ वक्त बिताना हो, चाय हर मौके का हिस्सा होती है.”
उन्होंने आगे कहा कि आप सभी चाय के साथ मेरे अपने जुड़ाव के बारे में अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन आज मैं एक ऐसी खास चाय के बारे में बात करना चाहता हूं, जिसने न सिर्फ अपने स्वाद से लोगों को खुश किया है, बल्कि कई महिलाओं की जिंदगी में आत्मनिर्भरता की नई खुशबू भी लाई है.”
पीएम मोदी ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव में एक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय’ विकसित की है. इसमें लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसे प्राकृतिक तत्व शामिल हैं.