सावन के पहले दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती के दिव्य दर्शन, भक्त बोले- 'ऐसा सौभाग्य हर जन्म में नहीं मिलता'
Raisina News Desk- जुलाई 30, 2026 09:30 AM IST

भगवान शिव को समर्पित सावन मास की शुरुआत के साथ ही उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. सावन के पहले दिन तड़के हुई बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. भस्म आरती के दिव्य दर्शन कर भक्त भाव-विभोर नजर आए. किसी ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव बताया तो किसी ने इसे महाकाल का विशेष आशीर्वाद माना. मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच हर ओर ‘जय महाकाल’ के जयकारे गूंजते रहे.
सावन मास के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली. दूर-दूर से आए श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती में शामिल होने के लिए रात से ही कतारों में खड़े नजर आए. मंदिर परिसर भक्तों की आस्था और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया.
महाकाल मंदिर में परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल का विशेष पूजन-अर्चन किया. इसके बाद पंचामृत अभिषेक, श्रृंगार और भोग की प्रक्रिया संपन्न हुई. भस्म आरती के दौरान मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया. आरती के दिव्य दृश्य ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया.
सावन के पहले दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती.
भस्म आरती में शामिल हुए कई श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव पहली बार का था. एक भक्त ने बताया कि वह पहली बार बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानते हैं और इसे महाकाल का आशीर्वाद समझते हैं. उनके अनुसार जन्मदिन के अवसर पर भस्म आरती के दर्शन होना किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है.
एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि उनकी बेटी का जन्मदिन भी इसी दिन है. ऐसे विशेष अवसर पर महाकाल की भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा. उन्होंने कहा कि आरती के दौरान ऐसा महसूस हुआ मानो वे किसी अलग ही दुनिया में पहुंच गए हों, जहां केवल भक्ति और दिव्यता का एहसास होता है.
श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन मास में भगवान महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है. इस दौरान सच्चे मन से की गई प्रार्थना और दर्शन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यही वजह है कि सावन शुरू होते ही महाकाल मंदिर में भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.
सावन के पहले दिन महाकाल मंदिर में भक्ति और उत्सव का अनूठा मेल देखने को मिला. मंदिर की आकर्षक सजावट, वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और भस्म आरती ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया. हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए पहुंचे और दिव्य दर्शन कर अपने जीवन को धन्य मानते नजर आए. महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन की शुरुआत के साथ ही पूरे माह चलने वाले धार्मिक आयोजनों का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया है.