2019 से अब तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए: सरकार
Raisina News Desk- अगस्त 04, 2026 06:52 PM IST

केंद्र सरकार ने कहा है कि वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है. सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भगोड़ों की वापसी को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया गया. सरकार के मुताबिक इस दौरान प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कानूनों में बदलाव किए गए, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया गया और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया.
सरकार का कहना है कि 2014 से पहले प्रत्यर्पण की प्रक्रिया धीमी थी. कई मामलों में दस्तावेज पूरे नहीं होते थे और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी रहती थी. सरकार के अनुसार, 2004 से 2013 के बीच औसतन हर साल केवल चार भगोड़े ही भारत लाए जा सके थे. बड़ी संख्या में प्रत्यर्पण के अनुरोध लंबित थे.
सरकार ने बताया कि 2019 में एनआईए और यूएपीए कानूनों में संशोधन किए गए. इसके बाद 2024 में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों में भी भगोड़े अपराधियों से जुड़े विशेष प्रावधान जोड़े गए. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 355 और 356 के तहत पहली बार ऐसा प्रावधान किया गया कि आरोपी की गैरमौजूदगी में भी अदालत में मुकदमा चलाया जा सके.
सरकार के मुताबिक, जनवरी 2025 में ‘भारतपोल’ शुरू किया गया. इसके जरिए सीबीआई, राज्य पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियों को इंटरपोल से जोड़ा गया. सरकार का दावा है कि इससे सूचनाओं के आदान-प्रदान में लगने वाला समय काफी कम हो गया है. अब कई मामलों में जानकारी तीन से दस दिनों के भीतर साझा हो जाती है. सरकार ने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए.
सरकार के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत 2019 से 2026 के बीच भगोड़े अपराधियों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई. सरकार का यह भी कहना है कि इसी अवधि में 18,762 करोड़ रुपये की संपत्ति या धन की सफल वापसी (रेस्टिट्यूशन) की गई.
सरकार ने बताया कि ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत विदेशों में छिपे भगोड़ों का पता लगाने के लिए सैटेलाइट, डिजिटल फुटप्रिंट और जियो-लोकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया. सरकार के मुताबिक, कई आरोपी विदेशों में नाम और पहचान बदल चुके थे. इसके बावजूद तकनीकी विश्लेषण और प्रोफाइल मैपिंग की मदद से उनका पता लगाया गया.
सरकार के अनुसार, भारत लाए गए 274 भगोड़ों में हत्या, यौन अपराध, संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, वित्तीय अपराध और साइबर अपराध जैसे मामलों के आरोपी शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक 70 भगोड़े वर्ष 2025 में भारत लाए गए, जबकि 2026 में जुलाई तक 45 भगोड़े वापस लाए जा चुके हैं.
सरकार का कहना है कि अब भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. इसमें कानूनी तैयारी, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कूटनीतिक प्रयास, तकनीक और विभिन्न केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के समन्वय को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है. सरकार के अनुसार इसी रणनीति की वजह से हाल के वर्षों में भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने की रफ्तार बढ़ी है.