30 साल बाद भी दोस्त की उधारी नहीं भूला शख्स, 1000 रुपये के बदले लौटाए 25 हजार; गूगल मैप से ढूंढा घर | Kerala Man Repays 30 Year Old 1000 rs Loan Telangana Friend Money Survey



Zara Hatke News: आज के दौर में जहां लोग चंद पैसों के लिए रिश्ते-नाते भूल जाते हैं, वहां अगर कोई 30 साल पुराना 1000 रुपये का कर्ज चुकाने के लिए 1000 किलोमीटर दूर आपके दरवाजे पर आ खड़ा हो… तो आप क्या कहेंगे? केरल और तेलंगाना के दो दोस्तों की यह एकदम सच्ची कहानी है. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह सब कहां, कब और कैसे शुरू हुआ.

सऊदी अरब में उधार लिए थे पैसे 

1990 के दशक की शुरुआत में केरल के मोहम्मद इस्माइल और तेलंगाना के एडला लचन्ना सऊदी अरब में एक साथ काम करते थे. उसी दौरान इस्माइल ने अपने सहकर्मी लचन्ना से 120 सऊदी रियाल (उस समय करीब 1000 रुपये) उधार लिए थे. कुछ समय बाद दोनों काम छोड़कर भारत लौट आए. उस दौर में फोन या इंटरनेट जैसी सुविधाएं नहीं थीं, जिसके कारण दोनों का संपर्क हमेशा के लिए टूट गया.

गूगल मैप से खोजा घर, 1000 के बदले चुकाए 25 हजार

30 साल बीत जाने के बावजूद इस्माइल यह उधारी नहीं भूले. लचन्ना का कोई नंबर या सटीक पता न होने पर उन्होंने गूगल मैप और स्थानीय लोगों की पूछताछ का सहारा लिया. केरल से हजारों किलोमीटर का सफर तय करके इस्माइल तेलंगाना के जगतियाल जिले के धरमापुरी गांव पहुंच गए. वहां उन्होंने लचन्ना को 30 साल पुराने 120 सऊदी रियाल के बदले, आज के एक्सचेंज रेट के हिसाब से 25,000 रुपये लौटाकर अपनी उधारी चुकता की.

36% लोगों ने लेन-देन के विवाद में खो दिए जिगरी यार

सच्ची दोस्ती की इस कहानी को पढ़कर एक तरफ लोग भावुक हो रहे हैं, लेकिन दुनिया की हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. जुलाई 2025 में 2000 लोगों पर किए गए ‘लेंडिंगट्री‘ के सर्वे के मुताबिक, 41 प्रतिशत लोगों का पैसों को लेकर दोस्तों के साथ विवाद हो चुका है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 36 प्रतिशत लोगों की दोस्ती सिर्फ पैसों के लेन-देन या विवाद के कारण हमेशा के लिए टूट गई. इनमें छोटे बच्चों वाले माता-पिता का आंकड़ा सबसे ज्यादा है, जहां 48 प्रतिशत लोगों ने पैसों के कारण अपने दोस्त खोए हैं.

ये भी पढ़ें:- बिना बिजली वाला 400 साल पुराना ‘AC’, आमेर किले का सुख निवास, जिसकी इंजीनियरिंग देख दुनिया हैरान

‘100 में से 32 लोग नहीं लौटाते दोस्त का पैसा’

सर्वे यह भी बताता है कि दोस्तों को उधार देना अक्सर भारी पड़ता है. 77 प्रतिशत लोगों ने कभी न कभी अपने दोस्तों को पैसे उधार दिए हैं, लेकिन इनमें से 32 प्रतिशत लोगों को उनका पैसा कभी वापस ही नहीं मिला. इसी कड़वे अनुभव के कारण अब 47 प्रतिशत लोग अपने बेस्ट फ्रेंड को भी 500 डॉलर उधार देने से साफ मना करते हैं. इसके अलावा, 31 प्रतिशत लोग अपने दोस्तों की तरह महंगे शौक पूरे करने का मानसिक दबाव भी महसूस करते हैं.

खाली जेब और महंगे प्लान्स के डर से दोस्तों से झूठ बोलते हैं 39% लोग

पैसों की कमी के कारण लोग दोस्तों से झूठ बोलने को भी मजबूर हैं. 69 प्रतिशत लोगों ने ज्यादा खर्च के डर से दोस्तों के साथ बाहर जाने के प्लान कैंसिल किए हैं. इनमें से 39 प्रतिशत लोग बाहर न जाने की असली वजह (पैसे न होना) दोस्तों से छिपाते हैं. साथ ही, 33 प्रतिशत लोग अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बताकर दोस्तों से झूठ बोलते हैं, जबकि 28 प्रतिशत लोगों को अपनी खराब आर्थिक स्थिति के कारण जज किए जाने का डर हमेशा सताता रहता है. वहीं, 33 प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं जो अपने दोस्तों की ‘फिजूलखर्ची’ या ‘कंजूसी’ पर उन्हें जज करते हैं.

ये भी पढ़ें:- बीच फ्लाइट में ‘छोटे बच्चे’ की तरह रो पड़ा करोड़ों का मालिक




Source link

Prev Post
Next Post