ममता को अब योगी का यूपी शुभेंदु के बंगाल से बेहतर लगने लगा है
Raisina News Desk- सितंबर 27, 2026 10:25 AM IST
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने, कुणाल घोष की कार में तोड़-फोड़ करने और समर्थकों को डराने-धमकाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने मौजूदा दौर को ‘हनीमून पीरियड’ के बजाय ‘गुंडा पीरियड’ करार देते हुए कहा कि बंगाल अपराधियों के चंगुल में है. उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि योगी का उत्तर प्रदेश इससे बेहतर है. उत्तर प्रदेश में इतनी राजनीतिक प्रताड़ना नहीं होती. कुणाल घोष ने आगे आरोप लगाया, “इससे साफ पता चलता है कि जो कुछ हुआ, उसमें बीजेपी कार्यकर्ता शामिल थे और उन्हें इसे अंजाम देने के लिए पुलिस और प्रशासन का समर्थन और आशीर्वाद हासिल था.”
क्या है पूरा मामला?
टीएमसी नेता और विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में उनकी गाड़ी में तोड़-फोड़ और अंडे फेंकने की घटना में बीजेपी कार्यकर्ता शामिल थे. उन्होंने दावा किया कि इस घटना को पुलिस और प्रशासन का ‘समर्थन और आशीर्वाद’ हासिल था.
पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय के बाहर मीडिया से बात करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि जब वे सेरामपुर में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रहे थे और उनकी कार पर हमला हुआ, तो वहां कोई पुलिस मौजूद नहीं थी. वे वहां शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन गेट बंद थे.
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “चाहे कोई विधायक हो या आम नागरिक, जब उन पर हमला होता है और पुलिस उस वक्त सुरक्षा देने में नाकाम रहती है, तो वे शिकायत दर्ज कराने और उच्च अधिकारियों से कार्रवाई करने का अनुरोध करने आते हैं. क्या उन्हें यह अधिकार नहीं है? क्या पुलिस के पास इसके लिए वक्त नहीं है?”
वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बैठक के लिए अदालत से 15 दिन पहले ही अनुमति ले ली गई थी, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपने घर से निकलने से रोका जा रहा था.