सेना को जल्द मिलने जा रही ‘प्रलय’ की ताकत, ओडिशा तट पर सफल परीक्षण, राजनाथ ने दी बधाई
Raisina News Desk- नवंबर 06, 2026 12:30 PM IST
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने गुरुवार (5 नवंबर, 2026) को स्वदेशी रूप से विकसित अर्ध-बैलिस्टिक (Quasi Ballistic) ‘प्रलय’ मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया है. प्रलय मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से गुरुवार को सुबह 11:10 बजे किया गया. चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज की तरफ से तैनात विभिन्न रेंज उपकरणों की ओर से कैप्चर किए गए परीक्षण डेटा से यह पुष्टि हुई कि सभी परीक्षण उद्देश्य पूरी तरह से सफल हुए.
DRDO की तरफ से स्वदेशी रूप से विकसित की गई यह प्रलय क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल कम दूरी की सतह से सतह यानी Surface to Surface पर मार करने वाली मिसाइल है. इसका भार वहन क्षमता 500 से 1,000 किलोग्राम है.
‘प्रलय’ मिसाइल का सफल परीक्षण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रलय मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर बधाई दी है. उन्होंने X प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा, ‘DRDO ने आज सुबह 11:10 बजे ओडिशा तट के पास स्वदेशी मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल उड़ान परीक्षण किया. यह परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के तहत किया गया.’
उन्होंने कहा, ‘मिसाइल ने सभी निर्धारित लक्ष्यों और उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया. विभिन्न रेंज इंस्ट्रूमेंट्स से मिले डेटा ने परीक्षण की सफलता की पुष्टि की.’ उन्होंने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि बताया.
रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी रूप से विकसित क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय के सफल उड़ान परीक्षण के बाद इसकी जानकारी और परीक्षण के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में साझा की. मंत्रालय ने कहा, ‘सफल परीक्षण के साथ ही इस सिस्टम को सेना में शामिल किया जाना अब लगभग तय हो गया है.’
मंत्रालय ने कहा, ‘स्वदेशी रूप से विकसित इस क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल में अत्याधुनिक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह बेहद सटीक निशाना साध सकती है. यह मिसाइल विभिन्न लक्ष्यों के खिलाफ कई तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है. इसे हैदराबाद के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) की तरफ से DRDO के अन्य लैबोरेटरीज के साथ मिलकर स्वदेशी तौर पर विकसित किया गया है. जबकि इसके डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनरों में से एक भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने इसके सिस्टम को तैयार किया है.’