अब नहीं होगी कन्फ्यूजन! नई दिल्ली स्टेशन पर बदली व्यवस्था, यात्रियों के लिए बना बड़ा होल्डिंग एरिया
Raisina News Desk- नवंबर 06, 2026 06:51 PM IST
नई दिल्ली रेलवे स्टेशनImage Credit source: Sonu Mehta/HT via Getty Images
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रिजर्व टिकट वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया गया है. पहले स्टेशन पर आने के लिए 6 अलग-अलग गेट थे. इस वजह से यात्रियों को कई बार कन्फ्यूजन होता था कि उन्हें किस गेट से जाना है, लेकिन अब इन सभी व्यवस्थाओं को एक जगह किया गया है और यात्रियों के लिए बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया गया है. पहले लगेज की जांच और दूसरी जरूरी सुविधाएं स्टेशन के अंदर थीं, लेकिन अब इन सुविधाओं को बाहर कर दिया गया है. इससे स्टेशन के अंदर का टिकटिंग और वेटिंग एरिया यात्रियों के लिए ज्यादा खुला और सुविधाजनक हो गया है. इस नई व्यवस्था से यात्रियों को काफी फायदा मिल रहा है.
दिल्ली में सामान्य दिनों में रोजाना 5 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन त्योहारों के समय यह संख्या बढ़कर करीब 8 लाख तक पहुंच जाती है. आज का दिन भी यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी व्यस्त है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने के लिए रेलवे ने कई इंतजाम किए हैं. अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, रेलवे कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाई गई है और होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं. कोशिश है कि यात्रियों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े और वो कम से कम समय में अपनी ट्रेन तक पहुंच सकें.
जहां भीड़ ज्यादा होती दिखाई देती है, वहां तुरंत जरूरी कदम उठाए जाते हैं. कहां भीड़ को रोकना है, कहां से यात्रियों को दूसरी तरफ भेजना है और कहां अतिरिक्त व्यवस्था करनी है, इन सभी चीजों पर नजर रखी जा रही है. देश के कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह के होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं. इनका अच्छा फायदा मिल रहा है.
पिछले साल त्योहारों के दौरान करीब 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं. इन ट्रेनों में से कई को बाद में नियमित ट्रेनों में बदल दिया गया. इस साल दिवाली, छठ और दुर्गा पूजा को मिलाकर पूरे त्योहारों के सीजन में करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. रेलवे ने पिछले 10 साल के आंकड़ों का अध्ययन किया है. यह देखा गया है कि किन शहरों से त्योहारों के समय सबसे ज्यादा यात्री सफर करते हैं और किन शहरों में जाने की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इसी डेटा के आधार पर योजना बनाई गई है कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलानी हैं और कहां अतिरिक्त ट्रेनें लगाने की जरूरत है.
पिछले कुछ सालों के अनुभव से पता चला है कि दिवाली के दिन से ज्यादा भीड़ धनतेरस के आसपास होती है. इसलिए इस बार धनतेरस के दिन यात्रियों की ज्यादा संख्या को ध्यान में रखते हुए अधिक स्पेशल ट्रेनें लगाई गई हैं. इसी तरह दिवाली के बाद छठ पूजा से करीब तीन दिन पहले यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ती है. रेलवे ने इस पैटर्न को भी ध्यान में रखा है. रेलवे ने कहा, ‘हमारा प्रयास है कि हर साल के अनुभव से सीखकर अगली बार यात्रियों के लिए और बेहतर व्यवस्था की जाए. रेलवे में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उसी के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है’.