Explainer: पंजाब में क्या है BJP का 'समरसता संकल्प अभियान'? जिसके जरिए 31% दलितों को साधने का है प्लान

चंडीगढ़:

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती दिख रही है. इस बीच भाजपा ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को समर्पित गुरु जी की जन्मभूमि सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से ‘समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत की. इस अभियान के जरिए बीजेपी पंजाब के 32 प्रतिशत दलितों को साधने की कोशिश में जुटी है.

पंजाब में दलित 32 प्रतिशत हैं. ये पूरे देश में किसी राज्य में सबसे ज्यादा दलित आबादी है. लेकिन ये विडंबना है कि जनसंख्या में इतनी बड़ी हिस्सेदारी और मतदाताओं में मजबूत पकड़ होने के बावजूद, दलित आबादी राजनीति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मुद्दों सहित कई मोर्चों पर हाशिए पर बनी हुई है. उन्हें मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है.

पंजाब के 96.6 प्रतिशत दलित के पास खेतिहर जमीन नहीं है. इसके अलावा सिख धर्म का पालन करने के बावजूद उन्हें छूआछूत क सामना करना पड़ता है. पंजाब में कुल 117 विधानसभा क्षेत्रों में से 34 सीटें दलित समुदाय के लिए आरक्षित हैं.

विधानसभा में उनकी संख्या मायने रखती है, लेकिन वे कभी पंजाब पर शासन नहीं कर पाए हैं क्योंकि वे उप-जाति और यहां तक ​​कि धार्मिक आधार पर भी विभाजित हैं. 

बीजेपी के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है समरसता संकल्प अभियान?

समरसता संकल्प अभियान की कलश यात्रा आज यानी 1 अगस्त 2026 को पंजाब की धरती पर पहुंची. मोहाली जिले के लालड़ू में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में इस पवित्र यात्रा का भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया.

इस मौके पर पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने श्रद्धा और आस्था प्रकट करते हुए गुरु जी की जन्मभूमि की पवित्र माटी के कलश को अपने शीश पर रखा और इस यात्रा को पंजाब में आगे के लिए रवाना किया.

इस ऐतिहासिक अवसर पर संबोधित करते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि आज का दिन बहुत ही ऐतिहासिक है. गुरु रविदास जी की जन्मभूमि की माटी पंजाब पहुंचने पर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे गुरु साहब स्वयं हमें आशीर्वाद देने पहुंचे हों.

उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदियों पहले ‘बेगमपुरा’ का संकल्प दिया था. इसका मकसद एक ऐसे समाज को तैयार करना था जहां कोई भेदभाव या ऊंच-नीच न हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र भी इस बेगमपुरा के संकल्प से प्रेरित है.

केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा वाराणसी में गुरु रविदास जी के जन्म स्थान का पुनर्निर्माण, विशाल लंगर हॉल, शानदार म्यूजियम और भव्य मूर्ति स्थापित की गई है, जो गुरु जी के चरणों में एक सच्ची श्रद्धांजलि है. 

संत रविदास का दलित समुदाय में खास प्रभाव है. ऐसा इसलिए क्योंकि दलितों को आज भी जिन भेदभाव से दो-चार होना पड़ता है, उसके खिलाफ संत रविदास ने 16 वीं शताब्दी में ही आवाज उठाया था. वे जात-पात, छूआछूत     को पाखंड बताते थे. इस कारण से उनपर दलितों की आस्था है.

बीजेपी ने पंजाब में आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास के नाम पर रखा गया, संत निरंजन दास को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया और जालंधर से वाराणसी तक एक स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की गई. 

एकता और भाईचारे के नारे के साथ बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और पूरी हाईकमान का धन्यवाद किया, जिन्होंने गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक देशव्यापी अभियान की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने की एक लहर है. 

उन्होंने पंजाब भाजपा के हर नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता से अपील की कि संतों, धार्मिक कमेटियों, युवाओं और महिलाओं को साथ जोड़कर इस अभियान को ‘जन आंदोलन’ और ‘सेवा का मिशन’ बनाया जाए. उन्होंने कहा कि समाज में एकता और भाईचारा लेकर आना ही गुरु रविदास को सच्ची श्रद्धांजलि होगी. इस मौके बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं भी उपस्थित थे.


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