नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे: 910 KM का सफर 12 घंटे में, जबलपुर से सूरत तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, भूमि सर्वे का काम तेज

नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे: 910 KM का सफर 12 घंटे में, जबलपुर से सूरत तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, भूमि सर्वे का काम तेज

नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे के जरिए एमपी के जबलपुर से गुजरात के सूरत के बीच का सफर महज 12 घंटे में पूरा हो जाएगा. 906 किलोमीटर का यह मेगा हाईवे छत्तीसगढ़ बॉर्डर से शुरू होगा और गुजरात बॉर्डर तक जाएगा. इस हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण का सर्वे शुरू हो चुका है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से इसे आखिरी रूप दिया जा रहा है. इस हाईवे के बीच में 3 औद्योगिक कलस्टर भी बनने हैं, इसके लिए भी जमीन का सर्वे शुरू हुआ है. प्री-कंस्ट्रक्शन कार्यों की DPR भी तैयार की जा रही है. इसका पूरा होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी. यह हाईवे एमपी के अमरकंटक छोर से शुरू होकर अलीराजपुर जिले तक जाएगा. जिससे एमपी के एक छोर से दूसरे छोर तक भी हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी.

जबलपुर से सूरत का सफर 12 घंटे में होगा

नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे की शुरुआत छत्तीसगढ़ बॉर्डर से शुरू होगी और मध्य प्रदेश के बीच से गुजरते हुए गुजरात बॉर्डर तक जाएगी. ऐसे में तीन राज्यों के बीच शानदार कनेक्टिविटी होगी. इसका सबसे ज्यादा फायदा दो बड़े शहर जबलपुर और सूरत को होगा. दोनों शहरों के बीच की दूरी अभी 1050 किलोमीटर है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने से यह दूरी 910 किलोमीटर हो जाएगी. यानि सीधे-सीधे करीब 100 से 140 किलोमीटर की बचत होगी. पहले दोनों शहरों के सफर में 18 से 20 घंटे का समय लगता था. लेकिन अब यह दूरी महज 10 से 12 घंटे में पूरी हो जाएगी. 

जबलपुर से सूरत जाने के लिए इसकी शुरुआत जबलपुर बायपास से शुरू होगी जो नरसिंहपुर से होते हुए ओबेदुल्लागंज तक जाएगा. यहां से भोपाल में एंट्री करेगा और बुधनी, नर्मदापुरम, संदलपुर की तरफ मुड़ जाएगा और सीधा इंदौर कनेक्ट कर लेगा. यहां से खंडवा, खरगोन,बड़वानी और झाबुआ से होते हुए एमपी गुजरात बॉर्डर तक जाएगा, यहां से वड़ोदरा होते हुए सूरत का सफर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए होगा. 

नर्मदा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू

नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे पर अब काम तेज हो गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और  मध्य प्रदेश सरकार परियोजना पर तेजी से काम कर रही है. प्री-कंस्ट्रक्शन कामों के लिए जैसे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी (DPR) को अंतिम रूप देना और भूमि चिन्हांकन को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं. सरकार की योजना केवल सड़क बनाने तक सीमित नहीं है, इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लॉजिस्टिक्स हब, फूड प्रोसेसिंग पार्क, स्मार्ट सिटी और इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है. वहीं नर्मदा एक्सप्रेसवे के बीच में लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाएगा. यह तीन बड़े शहर जबलपुर, नर्मदापुरम और हरदा के पास बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब के लिए जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है. 

एमपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को करेगा कनेक्ट 

नर्मदा एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को जोड़ेगा. पूर्व में यह छत्तीसगढ़ बॉर्डर अनूपपुर जिले के अमरकंटक से शुरू होकर डिंडौरी, मंडला से होते हुए जबलपुर को कवर करेगा. इसके बाद मध्य में नरसिंहपुर, नर्मदापुरम से होते हुए पश्चिमी हिस्से की तरफ मुड़ेगा. जहां हरदा से आगे जाते हुए खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और आखिरी तक अलीराजपुर जिले तक जाएगी. यह पूरा ग्रीनफील्ड हाईवे होगा जिस पर गाड़ियां 120 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकेगी. 

मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा हाईवे 

नर्मदा प्रगति पथ एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा हाईवे है. यह मध्य प्रदेश के विकास की नई लाइफलाइन बनने जा रहा है, जो आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगा. इस प्रोजेक्ट पर 31000 करोड़ रुपए बजट तय हुआ है. जो 6 लेन ग्रीनफील्ड होगा. ऐसे में अमरकंटक से अलीराजपुर तक यह हाईवे एक तरह से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात को आपस में जोड़ देगा.



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