NCP अध्यक्ष चुनाव विवाद पर सुनील तटकरे का पलटवार, बोले- सुनेत्रा पवार का चुनाव पूरी तरह वैध



मुंबई:

NCP President Election Row: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उठे विवाद के बीच पार्टी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. NCP के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने कहा है कि सुनेत्रा पवार का अध्यक्ष पद पर चुनाव पूरी तरह पार्टी के संविधान, कानून और निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले नोटिस को प्रथम दृष्टया निराधार बताते हुए कहा कि इसमें कोई तथ्य नजर नहीं आता. तटकरे ने संकेत दिए कि नोटिस भेजने वाले सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है. इस मुद्दे पर जल्द ही NCP की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है.

चुनाव प्रक्रिया को बताया पूरी तरह वैध

मीडिया से बातचीत में सुनील तटकरे ने स्पष्ट कहा कि NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और नियमों के अनुरूप थी. उन्होंने कहा, “NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया संविधान, कानून और नियमों के अनुसार ही हुई है.”

तटकरे के मुताबिक, सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष चुनने के लिए बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी पूरी तरह नियमों के अनुरूप आयोजित की गई थी.

सच्चिदानंद सिंह के नोटिस को बताया निराधार

NCP अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सच्चिदानंद सिंह द्वारा भेजे गए नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए तटकरे ने कहा कि प्रथम दृष्टया इसमें कोई सच्चाई दिखाई नहीं देती. उन्होंने कहा, “सारा कामकाज नियमों के तहत हुआ है और यह चुनाव पूरी तरह से वैध तरीके से किया गया है.” तटकरे ने नोटिस में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व को चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं है.

कोर कमेटी बैठक में होगा फैसला

सुनील तटकरे ने बताया कि इस पूरे मामले पर पार्टी की कोर कमेटी जल्द बैठक करेगी. उन्होंने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों और वकीलों की राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. तटकरे ने कहा, “मेरा उस व्यक्ति से कोई संवाद नहीं हुआ है. दिल्ली स्तर पर अगर कुछ हुआ है तो मुझे उसकी जानकारी नहीं है. इसलिए हम आज या कल में कोर कमेटी की बैठक बुलाकर इसकी कानूनी वैधता की जांच करेंगे, लेकिन मेरा व्यक्तिगत मत है कि इस नोटिस में कोई तथ्य नहीं है.”

अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत

तटकरे ने यह भी संकेत दिए कि यदि आवश्यकता पड़ी तो नोटिस भेजने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनहीनता के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है. उनका कहना था कि पार्टी की स्थापित प्रक्रियाओं पर बिना आधार सवाल उठाना संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना जा सकता है.

‘एक व्यक्ति की राय पूरी पार्टी नहीं’

पार्टी में असंतोष की अटकलों को खारिज करते हुए तटकरे ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के पत्र या बयान को पूरे संगठन की राय नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा, “किसी एक व्यक्ति की राय पूरी पार्टी की राय नहीं हो सकती. पार्टी अपनी तय भूमिका के साथ आगे बढ़ती है.” 

सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट होने का दावा

सुनील तटकरे ने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में लोकतांत्रिक ढंग से काम कर रही है. उनके अनुसार संगठन के भीतर कोई बड़ा मतभेद नहीं है और पार्टी अपने राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों के अनुसार आगे बढ़ रही है.







Source link

Prev Post
Next Post