NDTV Exclusive: सरकार-CJP बातचीत में क्या हुआ? सौरव दास ने बताईं तीन मांगें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. शुक्रवार को CJP नेताओं और सरकार के बीच बातचीत भी हुई. इस बीच NDTV ने जंतर-मंतर पर CJP प्रवक्ता सौरव दास से बात की. उन्होंने बताया कि सरकार के साथ हुई बैठक में संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं. इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से बर्खास्त करने या उनका इस्तीफा लेने, नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित उन परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने जिनके बच्चों की मौत हुई या जिन्होंने आत्महत्या की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग शामिल है. साथ ही सरकार से यह भी कहा गया कि भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, इसकी गारंटी दी जाए.

‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नॉन-नेगोशिएबल’

सौरव दास ने दावा किया कि मुआवजे और एफआईआर वापस लेने की मांगों पर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. हालांकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन सीजेपी ने इसे नॉन-नेगोशिएबल मुद्दा बताते हुए साफ कर दिया कि यह केवल संगठन का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं की भावना से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि देशभर में चल रहे प्रदर्शनों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक प्रमुख मांग बन चुका है.

उन्होंने बताया कि सरकार ने तीसरे दौर की वार्ता के लिए शुक्रवार शाम साढ़े तीन बजे फिर से बातचीत का न्योता दिया है. इसके अलावा CJP द्वारा दिए गए पॉलिसी डिमांड चार्टर पर भी सरकार ने विचार करने की बात कही है, लेकिन फिलहाल सीजेपी का फोकस अपनी मुख्य मांगों को मनवाने पर है.

सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर क्या बोले?

सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन बाद अनशन समाप्त किए जाने के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि इससे आंदोलन का रुख कमजोर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं की कई समस्याओं से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है. उन्होंने अनशन खत्म करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी और उनका काफी वजन भी कम हो गया था.

सौरव दास ने दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी का रुख पहले जैसा ही है. उन्होंने कहा कि अगर शुक्रवार को होने वाली बैठक में कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है, तो सीजेपी देशभर से लोगों को दिल्ली बुलाकर आंदोलन को और बड़ा करने का आह्वान कर सकती है.



Prev Post
Next Post