NEET पेपर लीक मार्च से पहले दिल्ली पुलिस का बड़ा आदेश, संसद मार्ग पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन बैन
Raisina News Desk- जुलाई 20, 2026 03:25 AM IST

दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रस्तावित संसद मार्च को दिल्ली पुलिस ने परमिशन नहीं दी है. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उनसे कोई परमिशन नहीं मांगी गई थी और न ही किसी तरह की परमिशन दी गई है. राजधानी दिल्ली के सबसे खास इलाकों में आने वाले संसद मार्ग सब-डिवीजन में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. नए आदेश के मुताबिक, पूरे संसद मार्ग इलाके में (सिर्फ जंतर-मंतर की तय जगह को छोड़कर) बिना लिखित मंजूरी के कोई भी सभा, धरना, प्रदर्शन या जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा. यहां तक कि 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जमा होने पर भी रोक लगा दी गई है. यह नियम 24 जून 2026 से शुरू हो चुका है और अगले 60 दिनों तक यानी 22 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग और उसके आस-पास का हिस्सा देश का बेहद अहम और संवेदनशील इलाका है. यहां संसद भवन, केंद्रीय मंत्रालय, कई जरूरी सरकारी दफ्तर और संस्थान हैं. साथ ही, यहां रोज हजारों की तादाद में सरकारी कर्मचारी, आम लोग, सैलानी और गाड़ियां आती-जाती हैं. ऐसे में बिना मंजूरी के भीड़ जुटने या प्रदर्शन होने से न सिर्फ जाम की समस्या खड़ी होगी, बल्कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है.
पुलिस के आदेश में कहा गया है कि ऐसी खबरें मिली थीं कि अगर इस इलाके में होने वाले प्रदर्शनों और सभाओं को काबू में नहीं रखा गया, तो शांति भंग हो सकती है, ट्रैफिक रुक सकता है और लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. इसी वजह से पहले से सावधानी बरतते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि कोई गड़बड़ी न हो.
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कार्यपालक मजिस्ट्रेट को मिली ताकतों का इस्तेमाल करके जारी किया गया है. इसे संसद मार्ग सब-डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अजय शर्मा ने जारी किया है. उन्होंने साफ किया है कि इसका इकलौता मकसद सुरक्षा और शांति बनाए रखना है.
पुलिस ने साफ किया है कि यह पाबंदी पूरे संसद मार्ग इलाके में लागू होगी, लेकिन जंतर-मंतर रोड का वह हिस्सा जो प्रदर्शन के लिए तय है, इस दायरे से बाहर रहेगा. हालांकि, वहां भी प्रदर्शन करने के लिए नियमों का पालन करना और पहले से मंजूरी लेना जरूरी होगा. इसके साथ ही, अगर किसी संगठन या व्यक्ति को प्रदर्शन की मंजूरी मिलती भी है, तो वह किसी भी हाल में शाम 5 बजे के बाद तक नहीं चल सकेगा. यह पाबंदी 24 जून 2026 से 22 अगस्त 2026 तक यानी पूरे दो महीने तक चलेगी.
आदेश में साफ चेतावनी दी गई है कि जो भी इन नियमों को तोड़ेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
संसद मार्ग इलाके में अगले 60 दिनों तक सुरक्षा को लेकर विशेष कड़ाई रहेगी.
यह सख्ती 24 जून 2026 से शुरू होकर 22 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी.
बिना पहले से लिखित अनुमति लिए धरना, प्रदर्शन, जुलूस या कोई भी जनसभा नहीं की जा सकेगी.
एक जगह पर 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है, इसके लिए भी अनुमति चाहिए होगी.
बिना मंजूरी के नारेबाजी करने, भाषण देने, प्रदर्शन करने और रास्ता रोकने पर पूरी तरह रोक है.
कोई भी व्यक्ति अपने साथ हथियार, लाठी-डंडा, तलवार, ईंट-पत्थर, बैनर या प्लेकार्ड लेकर नहीं घूम सकता.
प्रदर्शन के लिए तय जंतर-मंतर की जगह पर यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन वहां भी कार्यक्रम तय नियमों के तहत ही होंगे.
अगर किसी कार्यक्रम की मंजूरी मिल भी जाती है, तो उसे शाम 5 बजे के बाद जारी रखने की अनुमति नहीं होगी.
संसद मार्ग देश का सबसे खास और संवेदनशील इलाका है। यहाँ जाम से बचने, सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.