SVPNPA पासिंग आउट परेड: देश को म‍िले 135 IPS, नेपाल, भूटान व मालदीव के 16 अफसरों को भी दी ट्रेन‍िंग

SVPNPA पासिंग आउट परेड: देश को म‍िले 135 IPS, नेपाल, भूटान व मालदीव के 16 अफसरों को भी दी ट्रेन‍िंग

SVPNPA IPS Passing Out Parade: देश को भारतीय पुल‍िस सेवा के 135 युवा आईपीएस अध‍िकारी म‍िले हैं. इन्‍होंने 17 अक्‍टूबर 2026 को तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी  में शनिवार को 78वीं रेगुलर रिक्रूट (2025 बैच) पासिंग आउट परेड में ह‍िस्‍सा ल‍िया. आईपीएस प्रोबेशनर्स की इस दीक्षांत परेड में भारत के 135 प्रशिक्षु अधिकारियों के अलावा नेपाल, भूटान व मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी शामिल रहे.  पासिंग आउट परेड में गृह सचिव गोविंद मोहन बोले, नक्सलवाद खत्म, अब ड्रग्स-साइबर क्राइम जैसी 5 बड़ी चुनौतियां सामने हैं. 

आईपीएस प्रोबेशनर्स पास‍िंग आउट परेड 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सामने मौजूद पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों की तस्वीर अब काफी बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से देश वामपंथी उग्रवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और घरेलू व विदेशी प्रेरित आतंकवाद जैसी समस्याओं से जूझता रहा है, लेकिन अब इनमें बड़ा बदलाव आया है. 

 उग्र नक्सलवाद का दौर निर्णायक रूप से समाप्त

गृह सचिव ने कहा कि उग्र नक्सलवाद का दौर निर्णायक रूप से समाप्त हो चुका है और पूर्वोत्तर में उग्रवाद भी बेहद सीमित स्तर पर रह गया है. उनके अनुसार, पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में जो घटनाएं दिखाई देती हैं, वे अब पारंपरिक उग्रवाद नहीं बल्कि मुख्य रूप से जातीय संघर्ष का स्वरूप हैं. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पारंपरिक चुनौतियां कम होने के साथ-साथ नई सुरक्षा चुनौतियां तेजी से उभर रही हैं. गोविंद मोहन ने ऐसी पांच प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया, जिनका सामना आने वाले समय में पुलिस अधिकारियों को करना होगा. 

पहली बड़ी चुनौती मादक पदार्थ

उन्होंने कहा कि पहली बड़ी चुनौती मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की है. एक सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देश की बड़ी आबादी किसी न किसी रूप में नशीले पदार्थों के संपर्क में है. दूसरी चुनौती साइबर अपराध है, जहां कम तकनीकी ज्ञान रखने वाले लोग भी आसानी से अपराध की दुनिया में कदम रख सकते हैं. गृह सचिव ने तीसरी चुनौती के रूप में घरेलू और विदेशी प्रेरित आतंकवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि यह खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. हाल में दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए विस्फोट जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सतर्कता बनाए रखना जरूरी है. 



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