कौन बनेगा करोड़पति का सपना टूटा तो चोर बन गया UPSC एस्पिरेंट, 5 लाख की सोने की चेन चुराकर भागे छात्र को पुलिस ने दबोचा
Raisina News Desk- नवंबर 07, 2026 06:59 PM IST
Agency:एजेंसियां
हर किसी की जिंदगी में कोई न कोई बड़ा सपना होता है. कोई अफसर बनना चाहता है तो किसी की ख्वाहिश करोड़पति बनने की होती है. लेकिन जब सपने पूरे नहीं होते तो इंसान के सामने आगे बढ़ने के कई रास्ते होते हैं. मुंबई में एक 42 साल के शख्स की कहानी कुछ अलग ही निकली. बिहार से दिल्ली आकर उसने UPSC की तैयारी की. IAS बनने का सपना देखा. फिर टीवी के मशहूर शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में भी किस्मत आजमाई. यहां तक कि पत्नी के साथ ट्रैवल कारोबार भी शुरू किया. लेकिन हर कोशिश नाकाम रही और कर्ज बढ़ता गया. आखिरकार उसने ऐसा रास्ता चुना जिसने उसे सीधे अपराध की दुनिया में पहुंचा दिया. आरोप है कि उसने मुंबई के एक ज्वेलरी शोरूम से करीब 5 लाख रुपए की सोने की चेन चुराई और फरार हो गया.
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई पुलिस ने इस मामले में आरोपी को करीब एक साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान बिहार मूल के सतीश कुमार कृष्णप्रसाद केसरी के रूप में हुई है. वह दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में रहता था. पुलिस के मुताबिक उसने 15 नवंबर 2025 को कांदिवली वेस्ट स्थित पद्मावती ज्वेलर्स में ग्राहक बनकर प्रवेश किया था. वहां उसने दुकान के कर्मचारियों से सोने की चेन दिखाने को कहा. मौका मिलते ही वह 43.2 ग्राम वजन की चेन लेकर फरार हो गया. इसकी कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने मुंबई में जिस हॉस्टल में ठहरने की व्यवस्था की थी वहां कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड दिया. मोबाइल फोन भी बंद कर लिया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी की मदद से उसका पता लगाया. 28 अक्टूबर 2026 को उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक 42 साल के सतीश कुमार कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट है. वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. नौकरी की तलाश में दिल्ली आया था. यहां उसने UPSC की तैयारी शुरू की. पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम काम भी करता रहा. उसका सपना IAS अधिकारी बनने का था. लेकिन कई कोशिशों के बाद भी उसे सफलता नहीं मिली. इसके बाद उसने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया.
सतीश ने अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में हिस्सा लेने की कोशिश की थी. लेकिन वह शुरुआती चरण ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ से आगे नहीं बढ़ सका. इस तरह करोड़पति बनने का उसका सपना भी अधूरा रह गया. इसके बाद उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया. कारोबार चलाने के लिए उसने कर्ज लेकर चार से पांच गाड़ियां खरीदीं. इन गाड़ियों को ओला और उबर जैसे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर लगाया गया. लेकिन यह काम भी घाटे में चला गया. धीरे-धीरे उस पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया.
पुलिस के अनुसार कर्ज से परेशान होकर सतीश ने चोरी का रास्ता अपनाया. उसने ज्वेलरी दुकानों में ग्राहक बनकर जाने की योजना बनाई. वहां कर्मचारियों से गहने दिखाने को कहता और मौका मिलते ही उन्हें लेकर भाग जाता. इसी तरीके से उसने 15 नवंबर 2025 को कांदिवली वेस्ट की पद्मावती ज्वेलर्स में वारदात को अंजाम दिया. वह 43.2 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया. इसकी कीमत करीब 5 लाख रुपए थी.
वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए कई तरीके अपनाए. मुंबई में जिस हॉस्टल में वह ठहरा था वहां कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड दिया. इसके बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया ताकि उसकी लोकेशन का पता न चल सके. कांदिवली पुलिस ने दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी से जुड़े एक सक्रिय मोबाइल नंबर का पता लगाया गया. इसी सुराग से पुलिस दिल्ली तक पहुंची और 28 अक्टूबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान सतीश ने कांदिवली की ज्वेलरी दुकान में चोरी करने की बात स्वीकार की. उसने मुंबई के दिंडोशी इलाके में इसी तरह की एक और चोरी में शामिल होने की बात भी कबूली है. पुलिस ने उसके पास से चोरी की गई सोने की चेन बरामद कर ली है. फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे आगे पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने इस तरीके से दूसरी दुकानों को तो निशाना नहीं बनाया था.