'तब मैं अविवाहित थी…', मायावती ने बताया क्यों लिया था भाई का सहारा
Raisina News Desk- सितंबर 12, 2026 10:23 PM IST

बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि अब बहुजन समाज पार्टी में भतीजों को कोई पद नहीं मिलने वाला है. उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में उनकी भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी मिल सकती है, वो भी उनकी कार्य क्षमता पर निर्भर करेगा.
परिवारवाद के आरोपों पर भी बसपा प्रमुख ने जवाब दिया है. उनका कहना है कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में, अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में सही नहीं होगा.
इसके अलावा मायावती ने कहा कि जिस प्रकार से ‘परिवारवाद’ आदि के विरुद्ध कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी प्रकार से पूरी तरह डटी हूँ , और जैसाकि मैंने काफी कुछ इस पर अमल करके भी दिखाया है और यदि मैं लड़की नहीं होती, तो मैं फिर मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही अपने भाई-बहिनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखती. लेकिन मैं लड़की होने की वजह से अपनी सुरक्षा सम्बन्धी, हर परेशानी से मुक्त होकर व पूरे मान-सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ती रहूँ तभी मुझे अपने सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को मजबूरी में अपने साथ रखना पड़ा है. और अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर काफी कुछ मुझे भी झेलना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी मैं किसी के भी मोह आदि के चक्कर में ना पड़कर पार्टी को कोई भी नुकसान नहीं पहुचने दूंगी.
बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि इसी प्रकार पार्टी संगठन में व आगे सरकार बनने पर भी, चाहे वह कोई भी हो, केवल सम्बन्धित उसी एक व्यक्ति को ही मौक़ा दिया जायेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ आदि नहीं दिया जायेगा, ताकि बी.एस.पी. अब आगे परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज़्यादा से ज़्यादा लोग ‘सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें, जो कि अम्बेडकरवादी राजनीति के लिये बहुत ज़रूरी है.