न्यू हाथरस सिटी: आगरा-अलीगढ़ से मथुरा के करीब 10 हजार एकड़ में नया शहर बसेगा, नोएडा जेवर एयरपोर्ट से नजदीक
Raisina News Desk- सितंबर 09, 2026 12:50 PM IST

नई दिल्ली/हाथरस:
यूपी में हाथरस जिले में 10 हजार एकड़ में नया शहर बसाने की तैयारी है.यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) मास्टर प्लान 2041 (फेज 2) के तहत ये नया शहर बसा जा रहा है. करीब 4000 हेक्टेयर में ये इंडस्ट्रियल और आवासीय शहर हाथरस अर्बन सेंटर या न्यू हाथरस नाम से बसाया जा रहा है. यीडा ने इसके लिए तीन-चार जगहें चिन्हित की हैं और कंसल्टेंट कंपनी ने यमुना अथॉरिटी को रिपोर्ट सौंप दी है. अगले 15 सालों के भीतर ये नया शहर एनसीआर के पास सबसे बड़ी आवासीय परियोजना हो सकती है.
हाथरस जिले के 358 गांव यमुना अथॉरिटी के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल हैं. ये इलाका यमुना एक्सप्रेसवे से करीब 45 किलोमीटर में फैला है.इसका प्रारंभिक सर्वे कराया गया है.अथॉरिटी से जगह फाइनल होने के बाद एजेंसी व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी. न्यू हाथरस का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे से बिल्कुल सटे हाथरस की सादाबाद तहसील के 127 गांव इसमें आते हैं. हाथरस (सदर) तहसील के 180 से 215 गांव इसके दायरे में होंगे, जो हाथरस शहर के करीब अलीगढ़-आगरा हाईवे (NH-93) के समीप हैं.
सासनी तहसील में 42 से 79 गांव में ब्लॉक और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर इसमें होंगे. सासनी एवं सादाबाद क्षेत्र में सासनी देहात, टुकसान, केवलगढ़ी, बीछिया, ताजपुर, धातरा खुर्द, धातरा कलां, खेड़ा बरामई, गढ़ी जैनी, रोहई, रामगढ़, जटोई, बंका, फरसौटी गांव इसमें आ सकते हैं. सदर एवं चंदपा में चंदपा, कोटा, अहवरनपुर, चंद्रगढ़ी, फुसकरा, नगला शीशम, खरगू, कोरना चमरुआ, बुधु नगला हेमराज गांव आ सकते हैं.
मथुरा : 40–45 किमी: भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट
वृंदावन: 45–50 किमी: बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर
आगरा: 50–60 किमी: ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी
अलीगढ़:30–35 किमी: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और देश का प्रमुख ताला-हार्डवेयर हब
राया हेरिटेज सिटी (यीडा): 25–30 किमी: यमुना एक्सप्रेसवे किनारे धार्मिक पर्यटन टाउनशिप
गोवर्धन और बरसाना: 65–70 किमी: गोवर्धन परिक्रमा, राधा रानी मंदिर बरसाना
ग्रेटर नोएडा : 100–125 किमी: यमुना एक्सप्रेसवे से 1- 1.5 घंटे का सफर
हाथरस अर्बन सेंटर को चार हिस्सों में बांटा गया है. इसमें इंडस्ट्रियल जोन में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, एमएसएमई और एक्सपोर्ट इकाइयां लगाई जाएंगी. आवासीय परियोजना में औद्योगिक कर्मचारियों और आम जनता के लिए हाउसिंग सेक्टर, ऊंची इमारतें और किफायती आवास बनेंगे.लॉजिस्टिक्स हब में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, मॉल-रेस्तरां और वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा. ग्रीन एरिया के लिए पर्यावरण संतुलन के लिए कुल क्षेत्रफल का 15% से अधिक हिस्सा पार्क, ग्रीनरी और ओपन स्पेस के लिए रखा गया है.
हाथरस के ODOP उत्पाद हींग और गुलाल उद्योग को पैकेजिंग, लैब टेस्टिंग और सीधी एक्सपोर्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. फूड प्रोसेसिंग और डेयरी उद्योग को भी दिल्ली एनसीआर के बाहर भी बड़ा बाजार मिलेगा. यहां कांच के मोती और पीतल के आभूषण, मशीन टूल और इलेक्ट्रिक वाहन कलपुर्जे के उद्योगों को फायदा मिलेगा.मेडिकल और पावर ग्रिड मशीनरी यूनिट का यहां की इकाइयां भी फायदा उठाएंगी.
हाथरस अर्बन सेंटर जेवर एयरपोर्ट से लिंक है. यह जेवर एयरपोर्ट के डायरेक्ट कैचमेंट एरिया में आता है.यीडा अलग से एक्सप्रेस रोड नेटवर्क बना रहा है. यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे, NH-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे और हाथरस रेलवे जंक्शन से सीधे जुड़ा है. ये आगरा का सैटेलाइट टाउन बन सकता है. आगरा पर बढ़ रहे औद्योगिक कारखानों और आबादी के दबाव घटाने में यह मददगार होगा.
यमुना एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी का मास्टर प्लान-2041 तैयार हो चुका है. यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी फेज-2 के तहत तीन शहरी केंद्रों का प्लान है.यीडा मास्टर प्लान 2041 के फेज-2 में ये तीन अर्बन नोड्स बनने हैं.
अलीगढ़ में 11,104 हेक्टेयर में ये नया शहर बसाया जाएगा. यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब के साथ टाउनशिप बनेगी. जेवर एयरपोर्ट के बेहद नजदीक यहां मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, ट्रांसपोर्ट हब और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाया जा रहा है.
मथुरा में राया अर्बन सेंटर नाम से हेरिटेज सिटी बन रही है. धार्मिक पर्यटन एवं हेरिटेज टाउनशिप 11653 हेक्टेयर में है. मथुरा-वृंदावन के धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को संजोते हुए 753 एकड़ में ये शानदार हेरिटेज सिटी, यमुना रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं.
ताजनगरी में आगरा अर्बन सेंटर या न्यू आगरा बसाया जा रहा है. 14 हजार हेक्टेयर के इस शहर में आईटी, पर्यटन एवं प्रदूषण मुक्त उद्योगों के साथ आगरा में यह सबसे बड़ा नोड होगा. इसमें आईटी पार्क, हॉस्पिटैलिटी, एक्सपो सेंटर और ग्रीन इंडस्ट्री भी होगा.
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