भारत और बेल्जियम ने रक्षा संबंध बढ़ाने का फैसला किया, किए 10 समझौते

भारत और बेल्जियम ने बृहस्पतिवार को अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इनमें अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के व्यापक लक्ष्य के तहत सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त निर्माण को बढ़ावा देना भी शामिल है. रक्षा संबंधों को बढ़ाने का यह फ़ैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके बेल्जियम के समकक्ष थियो फ्रैंकन के बीच बातचीत के दौरान लिया गया.

यह रक्षा मंत्री-स्तरीय बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बेल्जियम के समकक्ष बार्ट डी वेवर के बीच व्यापक चर्चा से पहले हुई. सिंह-फ्रैंकन की बातचीत में दोनों पक्षों ने रक्षा और औद्योगिक सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण पहलों के ज़रिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. 

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा की और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग की जरूरत को स्वीकार किया. उन्होंने दोहराया कि भारत और बेल्जियम के बीच साझेदारी आपसी विश्वास और सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है.”

मोदी और डी वेवर के बीच बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने रक्षा ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, बेल्जियम और भारतीय रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के लिए 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें भारत में बने रॉकेट के लिए बेल्जियम के सैन्य हार्डवेयर का उत्पादन शामिल है.

फ्रैंकन ने कहा, “भारत तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में एक बड़ी सैन्य शक्ति है. यह देश दुनिया के कुछ सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर रणनीतिक रूप से स्थित है. बेल्जियम जैसे खुले व्यापार वाले देश के लिए इन समुद्री मार्गों की सुरक्षा बहुत जरूरी है. साथ ही, यूरोप की सुरक्षा भी एशिया में हो रही घटनाओं से तेजी से जुड़ती जा रही है.”

बेल्जियम के एक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, “चीन इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र में तेजी से आक्रामक रुख अपना रहा है. एशिया में जो कुछ भी होता है, उसका असर यूरोप पर पड़ता है और इसका उल्टा भी होता है. हमारी सुरक्षा हमारी सीमाओं तक ही सीमित नहीं है. इसीलिए हमें भारत जैसे मजबूत साझेदारों के साथ सैन्य, तकनीकी और औद्योगिक स्तर पर और भी नज़दीकी से काम करने की जरूरत है.”

फ्रैंकन ने यूक्रेन में रूस के युद्ध और सैन्य क्षेत्र में ईरान व उत्तर कोरिया के साथ उसके सहयोग पर भी चिंता जताई. PTI के अनुसार, रक्षा संबंधों के संदर्भ में, माना जा रहा है कि बेल्जियम ने भारत को यह भरोसा दिलाया है कि वह पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण नहीं बेचेगा.

फ्रैंकन ने सामूहिक प्रयासों से रक्षा बलों को मजबूत करने के लिए भारत और बेल्जियम के बीच गहरे औद्योगिक सहयोग की बड़ी संभावनाओं पर ज़ोर दिया.बाद में फ्रैंकन और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भारत-बेल्जियम डिफेंस CEOs राउंडटेबल को संबोधित किया. अपने संबोधन में सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और बेल्जियम अपनी खूबियों का इस्तेमाल कर सकते हैं और साइबर सिक्योरिटी, AI-आधारित बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम, पानी के नीचे चलने वाले वाहन और जटिल हथियार प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दे सकते हैं.

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