मनमोहन सिंह ने खुदकुशी की बात क्यों की? खुद पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया क्लियर | why manmohan singh speak of suicide former chief election commissioner clarifies



पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने हाल ही में एक किताब लिखी है. किताब का नाम India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir है. इस किताब में कुरैश ने दावा किया है कि तात्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनसे कहा था वो खुदकुशी कर लेंगे. इस पर एनडीटीवी ने सीधे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी से बात की. 

एसवाई कुरैशी ने क्लियर की बात

उस वाक्ये का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान उस समय के केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने का वादा किया. बीजेपी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की. फिर चुनाव आयोगी ने कार्रवाई की तो उस समय की केंद्र सरकार में कुछ मंत्री और कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए. कुरैशी ने आगे बताया, ‘मैंने मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार हरीश खरे से इस बारे में शिकायत की. फिर पीएम मनमोहन सिंह का फोन आया. शाम को मैं मिला, तो मनमोहन सिंह ने कहा, “यदि आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा”. मैंने उन्हें ध्यान दिलाया कि मेरी शिकायत कुछ मंत्रियों को लेकर है.’ 

लालू यादव का भी किस्सा बताया

एसवाई कुरैशी ने बीजेपी को भी घेरा. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी द्वारा विवाद खड़ा करने की कोशिश अवसरवाद है. हम कानून मंत्री को भी नहीं बख्शते थे, आज कोई मंत्री के चपरासी पर कार्रवाई कर के दिखाए. मैंने हमेशा विपक्ष को प्राथमिकता दी. हमारे रिश्ते अच्छे थे और हम पर भरोसा करते थे. लालू यादव के अनुरोध के मुताबिक काउंटिंग स्टाफ नियुक्त किए. लालू ने ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए. आज की स्थिति अफसोसजनक है. मताधिकार चुनाव आयोग का अहसान नहीं है.’ उस समय चुनाव आयोग की तरफ से लाए गए विवादित MoU पर उन्होंने कहा, ‘ट्रंप और मस्क ने चुनाव आयोग IFES को लेकर बेबुनियाद बातें कही, जिसको भारत में भी दुहराया गया. वो समझौता हममें चुनाव आयोग को दुनिया की अगुवाई करने के लिए किया था.’

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‘तो सीधे मुझे फोन करिए’

आपको बता दें कि India and I: A Hundred Memories, Not a Memoir में इस किस्से को विस्तार से बताया गया है. किताब में कुरैशी लिखते हैं कि वे मनमोहन सिंह की बात सुनकर अवाक रह गए थे, क्योंकि उनकी शिकायत कुछ मंत्रियों के व्यवहार को लेकर थी. स्वयं प्रधानमंत्री को लेकर नहीं. उन्होंने बताया कि मनमोहन सिंह चुनाव आयोग को हमेशा भारत का गौरव बताते थे. उन्हें यह विचार भी असहनीय लगा कि कोई उनकी नीयत पर संदेह करे. कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हुई. तब मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मुझे इस बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं थी. अगर मुझे पता होता, तो मैं उन लोगों को फटकार लगाता. भविष्य में यदि आपको कुछ कहना हो, तो सीधे मुझे फोन करिए.’

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