'सिर्फ प्रदर्शन हो रहा है, इसलिए लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए', नीट पेपर लीक प्रदर्शन सुनवाई के दौरान SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह सारे देश में हुए प्रदर्शनों को लेकर सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए पूरे देश के लिए गाइडलाइन बनाएंगे. नीट पेपर लीक प्रदर्शन मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की है. शीर्ष अदालत मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला सिर्फ जंतर-मंतर तक ही सीमित नहीं है. कोर्ट ने कहा कि ये मामला पूरे देश का है और हम सारी याचिकाओं की सुनवाई मंगलवार को करेंगे. चीफ जस्टिस ने कहा कि ऐसे मामलों में पूरे देश के लिए गाइडलाइन बनाएंगे. 

पुलिस को पर्याप्त उपकरण क्यों नहीं दिए गए?

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि हम गाइडलाइंस तय करेंगे. प्रोटोकॉल में एकरूपता जरूरी है. उन्होंने कहा कि सभी उपाय लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए .जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा किहम यह भी पूछना चाहते हैं कि इतनी बड़ी भीड़ को संभालते समय पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए गए? चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर विरोध-प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्व घुस आते हैं, तो हमें उस पहलू से भी निपटना होगा. 

‘हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार’

चीफ जस्टिस ने कहा कि हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है और इसकी रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का हर नागरिक का अधिकार संवैधानिक रूप से सुरक्षित है और इसकी रक्षा की जानी चाहिए. सिर्फ इसलिए की कोई प्रदर्शन हो रहा है, लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों, दोनों की तरफ से हुई ज्यादतियों की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए.

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