बिहार, बंगाल समेत 8 राज्यों की सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास 4 लेन हाइवे मंजूर, 'चिकन नेक' की मजबूत घेराबंदी
Raisina News Desk- सितंबर 04, 2026 04:48 AM IST

केंद्र सरकार ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास मौजूद एनएच-327 के 31.02 किलोमीटर के हिस्से को फोरलेन में बदलने की मंजूरी दे दी है. इसके लिए 2,077.18 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसक जानकारी दी. इस हाइवे के बनने के बाद बंगाल-बिहार के कई शहरों का सफर सुपरफास्ट हो जाएगा. इससे 8 राज्यों की कनेक्टिविटी सुपरफास्ट होगी.
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, ‘हमने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में एनएच-327 के 31.02 किलोमीटर लंबे बागडोगरा-पानीटंकी-खारीबाड़ी-गलगलिया सेक्शन को फोरलेन में बदलने के लिए 2077 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं.
📢West Bengal🛣️
In West Bengal, we have approved ₹2,077.18 crore for the 4️⃣-laning of the 31.02-km Bagdogra–Panitanki–Kharibari–Galgalia section of NH-327 in Darjeeling district.
The project will include the construction of 3️⃣ major bridges, 1️⃣ Road Over Bridge (ROB), 5️⃣…
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) September 3, 2026
इस प्रोजेक्ट में 3 बड़े पुल, 1 रोड ओवर ब्रिज, 5 एलिफेंट अंडरपास और दोनों तरफ सर्विस रोड बनाना शामिल है. इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों और जंगली जानवरों, दोनों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी.
रणनीतिक रूप से अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित यह प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर भारत के साथ कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और नेपाल, भूटान व बांग्लादेश तक पहुंच को बेहतर बनाएगा.
फोनलेन सड़क बनने से बागडोगरा, नक्सलबाड़ी, खारीबाड़ी और पानीटंकी में भीड़ कम होगी, बागडोगरा एयरपोर्ट और इलाके के मुख्य केंद्रों तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी और कृषि, बागवानी, चाय और दूसरी स्थानीय उपज को बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाना आसान हो जाएगा.
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब पश्चिम बंगाल सरकार उत्तर बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. इस साल मई में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही इस पर काम हो रहा है. अधिकारी ने बार-बार कहा है कि उत्तर बंगाल में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उनका कहना है कि पिछली लेफ्ट फ्रंट और तृणमूल कांग्रेस सरकारों के दौरान इस इलाके को नजरअंदाज किया गया और अब इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.