दिल्ली की सड़कों की बदलेगी सूरत, दिसंबर तक 600 KM रोड की मरम्मत का टारगेट
Raisina News Desk- सितंबर 18, 2026 10:07 PM IST

राजधानी दिल्ली की सड़कों की सूरत बदलने वाली है. दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने राजधानी वासियों को गड्ढा मुक्त और बेहतरीन सड़कें देने के लिए एक बड़े अभियान की घोषणा की है. दिल्ली में सड़कों की मरम्मत का रुका हुआ काम एक बार फिर युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है. सरकार ने इस साल दिसंबर तक 600 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत करने का लक्ष्य तय किया है.
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि सड़क मरम्मत और री-सर्फेसिंग का काम फिर से शुरू हो गया है. सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक राजधानी की 600 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत पूरी करना है.
पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण बिटुमेन यानी तारकोल की सप्लाई प्रभावित हुई थी. बिटुमेन सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख पेट्रोलियम उत्पाद है. सप्लाई में दिक्कत और कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से कई सड़क परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं.
मंत्री ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने अप्रैल से नवंबर के बीच शुरू होने वाली परियोजनाओं के लिए लागत वृद्धि के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इसके बाद नए टेंडर जारी किए गए हैं और काम दोबारा गति पकड़ चुका है. उन्होंने कहा, ‘युद्ध की स्थिति के कारण बिटुमेन की सप्लाई प्रभावित हुई और इसकी कीमतों में भी काफी बढ़ोतरी हुई. इससे काम में देरी हुई, लेकिन हमने फिर से टेंडर जारी किया है और नए सिरे से काम शुरू किया है.’
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण और री-सर्फेसिंग का काम सर्दियों में करना मुश्किल हो जाता है. इसलिए दिसंबर तक 600 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और चयनित सड़कों पर तेजी से काम चल रहा है.
PWD मंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ तेज गति से सड़कें बनाने पर नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान दे रही है. इसके लिए नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) की एक टीम थर्ड-पार्टी ऑडिट के जरिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी कर रही है. उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का ठेका हासिल करने वाली कंपनियों को अगले पांच वर्षों तक उन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी.
एक अधिकारी के मुताबिक, मॉनसून के दौरान सड़क मरम्मत का काम सामान्य तौर पर नहीं किया जाता. वहीं सर्दियों में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने पर बिटुमेन बिछाना मुश्किल हो जाता है. इसी वजह से दिसंबर तक अधिकतम काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है.
PWD राजधानी में करीब 1,400 किलोमीटर सड़कों का प्रबंधन करता है. इनमें से 400 किलोमीटर सड़कों के काम के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जो लागत वृद्धि की मंजूरी वाले दायरे में आते हैं. इसके अलावा दिल्ली सरकार की 200 किलोमीटर सड़कें भी इस मरम्मत अभियान में शामिल की जाएंगी.
गौरतलब है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) के तहत दिल्ली की 152 सड़क परियोजनाओं के लिए 803 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. इसके अलावा दिल्ली सरकार भी अलग से सड़क मरम्मत करा रही है.