छात्र खुदकुशी मामला: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टलों से हटाए जाएंगे सीलिंग फैन; जांच के बीच लिया गया फैसला
Raisina News Desk- सितंबर 22, 2026 07:54 PM IST
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद प्रशासन ने हॉस्टलों से सीलिंग फैन (छत के पंखे) हटाकर उनकी जगह ‘वॉल-माउंटेड’ (दीवार पर लगने वाले) पंखे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, इस मामले में फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत ने संस्थान के शिक्षकों का बचाव करते हुए सोशल मीडिया ट्रायल पर गहरी चिंता जताई है।
क्या है मामला?
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोडे शुक्रवार शाम पवई स्थित कैंपस के हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। आरोप है कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्हें कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
हॉस्टलों में लगाए जा रहे दीवार वाले पंखे; विपक्ष ने उठाए सवाल
छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं को रोकने के लिए आईआईटी बॉम्बे ने हॉस्टलों और अन्य उपयोगिता वाले क्षेत्रों से सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने का फैसला किया है। कैंपस में पंखों की नई खेप पहुंचने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई हैं। संस्थान में इससे पहले जुलाई में भी एक छात्र की खुदकुशी के बाद इस पर चर्चा हुई थी।
हालांकि, एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने इस कदम की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पंखे बदलने से खुदकुशी का संकट हल नहीं होगा। गावंडे ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता और आत्महत्या रोकथाम पर ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में आईआईटी संस्थानों में 117 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।
फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत का बयान
आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया, लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर बिना जांच के चल रहे ट्रायल पर नाराजगी भी जाहिर की।